मधुबनी की शांभवी प्रिया ने बिहार में लहराया परचम, मैट्रिक में 7वां रैंक हासिल बिजली मिस्त्री की बेटी बनीं जिला टॉपर, 478 अंक लाकर राखी ने रचा सफलता का नया इतिहास दवा व्यवसायी को बदमाशों ने बनाया निशाना, बाइक की डिक्की तोड़कर 65 हजार रुपये ले भागे एकतरफा प्यार में युवक की हत्या, लड़की के भाई और दोस्त को पुलिस ने दबोचा राबड़ी आवास में लौंडा डांस का आयोजन, लालू -तेजस्वी समेत कई कार्यकर्ता रहे मौजूद बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार बिहार को जल्द मिलेंगे 25 नए IAS अधिकारी, इस दिन करेंगे ज्वाइन; प्रशासनिक कामकाज को मिलेगी रफ्तार गोपालगंज पुलिस ने पशु तस्कर गिरोह का किया भंडाफोड़, सात गिरफ्तार Bihar Board Matric Result 2026: आंगनबाड़ी सेविका और किसान का बेटा बना स्टेट टॉपर, मैट्रिक परीक्षा में 8वां रैंक किया हासिल पनोरमा स्टार 2026 : बॉलीवुड एक्टर चंकी पांडेय ने बांधा समा, कलाकारों के साथ झूमा छातापुर
17-Feb-2025 08:12 AM
By First Bihar
बिहार के परिवहन विभाग ने राज्य भर में वाहनों के रजिस्ट्रेशन कार्ड (आरसी) और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को मोबाइल नंबर और ई-मेल से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। वाहन मालिकों को डिजिटल रूप से अधिक सक्षम बनाने और प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक सभी वाहन मालिकों को अप्रैल 2025 तक यह कार्य पूरा कर लेना है। समय सीमा के अंदर जानकारी अपडेट नहीं करने वालों को डिफॉल्टर सूची में डाल दिया जाएगा, जिससे उनके लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कार्ड के नवीनीकरण और अन्य कार्यों में बाधा आ सकती है।
राज्य में बड़े पैमाने पर वाहन रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। पटना जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) के मुताबिक फिलहाल 2.90 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन कार्ड और करीब एक लाख ड्राइविंग लाइसेंस बिना किसी मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के सक्रिय हैं। वाहन मालिकों के लिए यह बड़ी चुनौती बन सकता है क्योंकि अनलिंक दस्तावेजों पर भविष्य में कोई भी परिवहन सेवा मिलने में दिक्कत आ सकती है
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई वाहन स्वामियों ने जानबूझकर या लापरवाही से अपनी जानकारी छिपाई है, जिसके कारण विभाग को उनसे संपर्क करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एसएमएस, फोन कॉल और ई-मेल के जरिए बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कई वाहन स्वामियों ने अपनी जानकारी अपडेट कराने में उदासीनता बरती है। इसके कारण विभाग को ऐसे वाहनों को डिफॉल्टर सूची में डालने का निर्णय लेना पड़ा है।
बताया जा रहा = है कि अगर वाहन स्वामियों ने तय समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेज अपडेट नहीं कराए तो भविष्य में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस नई व्यवस्था के तहत ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण कार्ड को मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी से लिंक करना जरूरी हो गया है, ताकि वाहन से जुड़ी जानकारी सीधे वाहन स्वामियों तक पहुंच सके। इस नियम से न सिर्फ दस्तावेज ज्यादा सुरक्षित होंगे, बल्कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने में भी मदद मिलेगी।
परिवहन विभाग के एडटीओ ने बताया कि इस डिजिटल अपडेट से वाहन स्वामियों को कई सुविधाएं मिलेंगी। अगर किसी व्यक्ति के वाहन का प्रदूषण प्रमाण पत्र या चालान लंबित है, तो उसे समय रहते इसकी जानकारी मिल जाएगी और वह बिना किसी परेशानी के इसे जमा कर सकेगा। कई बार ऐसा होता है कि गलत मोबाइल नंबर या गलत पता होने के कारण वाहन चालान की जानकारी संबंधित वाहन स्वामी तक नहीं पहुंच पाती, जिसके कारण उन्हें अनावश्यक जुर्माना भरना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या से राहत मिलेगी।
इसके अलावा जो लोग अपने पुराने ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण कार्ड को नए डिजिटल स्मार्ट कार्ड में बदलना चाहते हैं, उनके लिए भी यह प्रक्रिया आसान होगी। इससे वाहन स्वामी देश के किसी भी कोने से ऐप के जरिए अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे और कभी भी परिवहन संबंधी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। डिजिटल सिस्टम से जुड़ने के बाद यह भी सुनिश्चित हो जाएगा कि वाहन चालकों की सही जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में है और किसी तरह की कोई अनियमितता नहीं है।
परिवहन विभाग ने दो अलग-अलग लाइसेंस (दोपहिया और चार पहिया वाहन) रखने वाले वाहन चालकों को भी सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अगर किसी वाहन चालक के पास दो अलग-अलग लाइसेंस हैं, तो उसे जल्द से जल्द एक को रद्द करना होगा। इसके लिए vahan.parivahan.in या sarthi.parivahan.in पर जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। अगर कोई व्यक्ति दो लाइसेंस रखता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।