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विजय सिन्हा की हुंकार! परशुराम की तरह बिना झुके-रुके भूमिका निर्वहन करने का किया आह्वान

Bihar Politics: विजय सिन्हा ने परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया पर युवाओं से भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने और राष्ट्रहित में बिना झुके-रुके कार्य करने का आह्वान किया।

Bihar Politics
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Politics: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया के अवसर पर प्रदेश के नागरिकों को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उत्सव त्याग और तप की ताकत पर खड़ी हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति का प्रतीक पर्व है। यह अवसर हमें कर्म को धर्म का मर्म मानने की सीख देता है।


विजय सिन्हा ने कहा कि भगवान विष्णु के छठे अवतार के रूप में सतयुग और त्रेता युग के संधि-काल में भगवान परशुराम ने अवतार लिया था। वे कृषि-संस्कृति के भी प्रेरणास्रोत रहे। इसीलिए भारत की कृषिप्रधान संस्कृति में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व रहा है। शास्त्रों के साधक होते हुए भी उन्होंने भ्रष्टाचार, व्यभिचार और अनाचार के विरुद्ध शस्त्र उठाया था। इसलिए वे ज्ञान और शक्ति दोनों के आराध्य माने गए। आज की परिस्थिति में उनसे शक्ति और ज्ञान के संतुलित प्रयोग की प्रेरणा लेनी चाहिये।


पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि भगवान परशुराम को किसी जाति, धर्म और क्षेत्र से नहीं बांधा जा सकता है। वे सभी भारतवासी के लिए आदर्श हैं। इनसे हमें राष्ट्रधर्म के लिए बिना झुके और रुके सबकुछ अर्पित करने की प्रेरणा मिलती है।


उन्होंने कहा कि आज की गतिशील वैश्विक परिस्थिति में हर भारतीय और खास तौर पर हमारे युवाओं को इन दोनों महापुरुषों से सीखने की जरूरत है। आज देश के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व हमने विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। ऐसे समय में भगवान परशुराम का जीवनचरित हमारे लिए प्रेरणा स्रोत हो सकता है। 


विजय सिन्हा ने कहा कि हम जिस क्षेत्र में कार्यरत हैं, वहीं राष्ट्रप्रथम की भावना से सबके कल्याण के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते रहें। आज डबल इंजन की हमारी NDA सरकार के नेतृत्व में बढ़ते और बदलते बिहार के लिए सूबे के हर नागरिक को भगवान परशुराम के सच्चे अनुयायी की तरह एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। यही प्रयास विकसित भारत में बिहार की निर्णायक भूमिका को सुनिश्चित करेगा।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता