PATNA: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के शुरू होने के साथ ही सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी रणनीति तय करने के लिए महत्वपूर्ण बैठकें बुलाई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल यानि 20 जुलाई को बिहार विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधानमंडल दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक सुबह 11:30 बजे होगी।
दरअसल, 20 जुलाई से ही विधानमंडल का मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है. पहले दिन सिर्फ दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने की औपचारिकता निभाई जायेगी . इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो जायेगी. सदन की कार्यवाही समाप्त होते ही एनडीए विधायक दल की बैठक शुरू हो जायेगी.
एनडीए की यह बैठक मानसून सत्र में सत्ता पक्ष की एकजुट रणनीति, विपक्ष के संभावित सवालों का जवाब देने और विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने पर केंद्रित रहेगी। बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों के विधायकों और नेताओं के शामिल होंगे।
भाजपा विधायक दल की बैठक दोपहर 4 बजे
दोपहर 4:00 बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय में भाजपा विधायक दल की अलग से बैठक आयोजित होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और भाजपा कोटे के अन्य मंत्रियों के इस बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में मानसून सत्र के दौरान भाजपा की भूमिका और एनडीए के अंदर समन्वय पर विस्तृत चर्चा होगी।
शाम 7 बजे कैबिनेट बैठक
सोमवार यानि 20 जुलाई की शाम 7:00 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी। इसमें सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले प्रस्तावों और प्रशासनिक फैसलों पर मुहर लगाई जा सकती है। सरकार विधानमंडल के इस सत्र में कई बिल भी पास करायेगी. उन्हें कैबिनेट से मंजूरी दिलाई जायेगी ताकि सदन में पेश किया जा सके.
एनडीए को चुनौती नहीं
नीतीश कुमार के राजसभा जाने के बाद अप्रैल 2026 में सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद संभाला था। भाजपा, जद(यू) और अन्य सहयोगी दलों वाले एनडीए के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है। यह मानसून सत्र Choudhary सरकार का पहला पूर्ण सत्र होगा, जिसमें सरकार अपने 100 दिनों के कार्यों, विकास योजनाओं, रोजगार सृजन और निवेश आकर्षण पर जोर देगी।
हाल ही में कैबिनेट ने आरआरटीएस, एआईआईएमएस पटना विस्तार, स्व-सहायता योजनाओं और अन्य कल्याणकारी प्रस्तावों को मंजूरी दी है। एनडीए इन उपलब्धियों को सत्र में प्रभावी ढंग से पेश करने की तैयारी कर रहा है। सत्र के पहले दिन होने वाली बैठकें गठबंधन की एकता और सक्रिय रणनीति को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दे चुके हैं।
सत्र से गायब रहेंगे तेजस्वी
हालांकि सरकार को कोई चुनौती मिलने वाली नहीं है. विधानसभा में पहले से ही विपक्षी विधायकों की संख्या बेहद कम है. उपर से विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बिहार से गायब हैं. वे सपरिवार विदेश यात्रा पर हैं. सदन के सत्र के दौरान उनके वापस लौटने की कोई संभावना नहीं है. ऐसे में आरजेडी के विधायकों में कोई आक्रमकता नहीं दिख रही है. लिहाजा सरकार के सामने कोई चुनौती नजर नहीं आ रही है.





