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महाने नदी के तेज बहाव में डायवर्सन बहा, मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप; इलाके के लोगों की परेशानी बढ़ी

मुंगेर के टेटिया बंबर में महाने नदी के तेज बहाव में निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया डायवर्सन बह गया। मुख्य मार्ग बंद होने से प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजार का संपर्क प्रभावित है, जिससे ग्रामीणों, छात्रों और मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: मुंगेर के टेटिया बंबर में महाने नदी में अचानक तेज बहाव आने से निर्माणाधीन पुल के लिए बनाया गया डायवर्सन पूरी तरह बह गया। डायवर्सन के बह जाने से प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजार जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं की परेशानी भी बढ़ गई है।



दरअसल, मुंगेर जिला मे टेटिया बंबर प्रखंड मुख्यालय जाने वाली मुख्य सड़क पर बरसंडा गांव के समीप महाने नदी पर पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। लोगों के आवागमन के लिए पुल निर्माण स्थल के पास डायवर्सन बनाया गया था। लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण महाने नदी का जलस्तर बढ़ गया।



बुधवार को नदी में अचानक तेज धार आई, जिसके दबाव को डायवर्सन नहीं झेल सका और देखते ही देखते पूरा डायवर्सन नदी के तेज बहाव में बह गया। डायवर्सन के बह जाने के बाद सड़क के दोनों ओर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।डायवर्सन टूटने से सबसे ज्यादा परेशानी स्थानीय लोगों को हो रही है। प्रखंड मुख्यालय, थाना, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। 



वहीं स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चिंता उन मरीजों को लेकर है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन गया है। इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने डायवर्सन निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि डायवर्सन के निर्माण में नदी से निकाली गई बालू और मिट्टी का अधिक इस्तेमाल किया गया था। 



उनका आरोप है कि अगर पर्याप्त मात्रा में पत्थर और मजबूत निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जाता, तो तेज बहाव में डायवर्सन के बहने की संभावना कम होती। फिलहाल ग्रामीणों ने ग्रामीण कार्य विभाग से डायवर्सन की तत्काल मरम्मत कर आवागमन बहाल कराने और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या को लेकर कितनी जल्द कार्रवाई करता है और कब तक प्रखंड मुख्यालय से बाधित संपर्क को दोबारा बहाल किया जाता है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता