1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 20 Nov 2025 07:05:12 AM IST
बिहार की राजनीतिक में हलचल - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Politcis: बिहार की राजनीति आज एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार आज 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। दो दशक से अधिक समय तक बिहार की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले 74 वर्षीय नीतीश की यह शपथ न केवल उनके राजनीतिक अनुभव और स्थिर नेतृत्व को दर्शाती है, बल्कि यह गठबंधन राजनीति के नए दौर की भी शुरुआत है।
इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह की खासियत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विशेष मौजूदगी होगी। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण में शिरकत की है, लेकिन इस बार यह क्षण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नीतीश 10वीं बार सत्ता संभाल रहे हैं। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय व राज्य स्तर के कई वरिष्ठ नेता और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे।
जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी का हेलीकॉप्टर गांधी मैदान में बने विशेष हेलीपैड पर उतरेगा, पूरा मैदान उत्साह और रोमांच से भर उठने की उम्मीद है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखे हुए हैं, जबकि हजारों लोग इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बनने के लिए उत्साहित हैं।
पिछले 20 वर्षों में बिहार के अधिकांश समय में मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले नीतीश कुमार आज देश के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने एक राज्य का नेतृत्व इतने लंबे समय तक किया है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। नीतीश कुमार के समर्थन में बनी नई एनडीए सरकार को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ चरम पर हैं। यह शपथ समारोह न केवल उनके कार्यकाल का नया अध्याय होगा, बल्कि बिहार की विकास योजनाओं और गठबंधन राजनीति की दिशा भी तय करेगा।
राजग में मंत्रिमंडल गठन को लेकर खींचतान जारी
शपथ ग्रहण के ठीक एक दिन पहले भी एनडीए सहयोगियों के बीच मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर खींचतान जारी रही। सूत्रों के मुताबिक, कई दौर की बैठकों के बाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर सहमति बन चुकी है।
भाजपा के प्रेम कुमार विधानसभा अध्यक्ष बन सकते हैं, जबकि उपाध्यक्ष पद जदयू को मिलने की संभावना है। हालांकि शेष मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर अभी भी बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि शपथ ग्रहण के बाद ही विस्तृत मंत्रिमंडल की घोषणा की जाएगी।
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण को राष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी घटनाओं में गिना जा रहा है। इसी वजह से कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री विशेष तौर पर पटना पहुंच रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू
और आईटी मंत्री नारा लोकेश
आज सुबह विजयवाड़ा से पटना के लिए रवाना हुए और समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों अपराह्न में वापस लौट जाएंगे। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी इस समारोह में शामिल होने की पुष्टि की है, जिससे कार्यक्रम की राजनीतिक महत्ता और बढ़ गई है।
शपथ ग्रहण से ठीक पहले बुधवार रात भाजपा के शीर्ष नेताओं अमित शाह और जेपी नड्डा का पटना पहुंचना भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पटना एयरपोर्ट पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उनका स्वागत किया। इन दोनों नेताओं के पटना पहुंचने से स्पष्ट है कि भाजपा इस बार भी नीतीश कुमार की सरकार को मजबूत सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस समारोह को लेकर पूरे बिहार में उत्साह का माहौल है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वीआईपी आगमन के चलते शहर में विशेष रूट प्लान तैयार किया गया है। हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिन्हें मंच के समीप से लेकर मैदान के विभिन्न हिस्सों तक बड़े एलईडी स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम दिखाया जाएगा। नीतीश कुमार की 10वीं शपथ न केवल एक संवैधानिक औपचारिकता है, बल्कि यह बिहार की राजनीति में उनके लंबे अनुभव, स्थिरता और जनता के भरोसे का बड़ा प्रतीक है।