बिहार में वर्दी वाले भी सुरक्षित नहीं: दारोगा के घर बड़ी चोरी, लाखों के जेवर और कैश लेकर भागे शातिर चोर

Bihar Crime News: दरभंगा में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। लहेरियासराय में सेवानिवृत्त दारोगा देवेंद्र लाल दास के घर का ताला तोड़कर चोरों ने लाखों रुपये के जेवर और नकदी चुरा ली। घटना ने इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 03, 2026, 2:36:01 PM

बिहार में वर्दी वाले भी सुरक्षित नहीं: दारोगा के घर बड़ी चोरी, लाखों के जेवर और कैश लेकर भागे शातिर चोर

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Bihar Crime News: बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच दरभंगा से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। इस बार चोरों ने आम नागरिक नहीं, बल्कि पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त दारोगा के घर को ही निशाना बना डाला। घटना लहेरियासराय थाना क्षेत्र की न्यू खाजा सराय कॉलोनी की है, जहां बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर अपराधियों ने लाखों रुपये के जेवर और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।


जानकारी के अनुसार, बिरौल थाना से सेवानिवृत्त दारोगा देवेंद्र लाल दास 26 फरवरी 2026 को अपने परिवार के साथ लहेरियासराय स्थित बंगाली टोला में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। घर बंद था और परिवार समारोह में व्यस्त था। इसी दौरान चोरों ने सुनसान मौके का फायदा उठाते हुए मकान के मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ दिया और अंदर प्रवेश कर गए।


जब शादी समारोह से लौटकर परिवार घर पहुंचा तो मुख्य दरवाजे का टूटा हुआ ताला देखकर उनके होश उड़ गए। घर के अंदर जाने पर देखा कि अलमारी टूटी हुई है और उसमें रखा सामान बिखरा पड़ा है। पूरे घर का सामान अस्त व्यस्त था, जिससे साफ था कि चोरों ने आराम से तलाशी ली है।


पीड़ित परिवार के अनुसार, अलमारी में सोने और चांदी के कई कीमती आभूषण रखे थे। इनमें एक सोने का गले का चैन, दो कान के टॉप्स, एक टूटा हुआ झुमका, छह नथिया और चांदी की पांच जोड़ी पायल शामिल थीं। इसके अलावा अलमारी में दो लाख रुपये नकद भी रखे गए थे, जिसे चोर अपने साथ ले गए। बताया गया कि घर में कुछ निर्माण कार्य कराने के उद्देश्य से बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर नकद राशि घर लाई गई थी और उसे सुरक्षित समझकर अलमारी में रखा गया था।


कुल मिलाकर अनुमानित नुकसान पांच से छह लाख रुपये के बीच बताया जा रहा है। इस घटना ने परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया है।


घटना का एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। परिवार का कहना है कि चोरों ने घर के एक कमरे में गंदगी भी फैला दी, जिससे स्थिति और असहज हो गई। परिवार कई घंटों तक बिना कुछ छुए घर में बैठा रहा, ताकि पुलिस पहले आकर जांच कर सके।


पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की जानकारी 2 तारीख को ही लिखित आवेदन देकर पुलिस को दे दी गई थी। बावजूद इसके लगभग 12 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। हैरानी की बात यह है कि घर से थाना की दूरी महज एक किलोमीटर बताई जा रही है। पुलिस की इस देरी से परिवार में आक्रोश है और स्थानीय लोग भी सवाल उठा रहे हैं।


पीड़ित ने थाना प्रभारी से लेकर वरीय अधिकारियों तक गुहार लगाई है, लेकिन कार्रवाई में हो रही देरी ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी का घर सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें।