Bihar Politics: बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के दो विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह और गोपालगंज के कुचायकोट विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने शुरू कर दी है।
बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर CID ने मुख्यालय स्तर के दो डीएसपी रैंक अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। यह टीम गोपालगंज जिले के कुचायकोट और मीरगंज थानों में दर्ज दोनों मामलों की जांच करेगी। जांच के दौरान आरोपों की सत्यता के साथ-साथ दोनों विधायकों का पक्ष भी दर्ज किया जाएगा और विस्तृत रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपी जाएगी।
पप्पू पांडेय पर जमीन कब्जाने का आरोप
कुचायकोट थाने में दर्ज मामले में आरोप है कि भूमाफियाओं ने करीब 16 एकड़ बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया और विरोध करने वालों के साथ मारपीट व फायरिंग की। इस मामले में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और चार्टर्ड अकाउंटेंट राहुल तिवारी समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। 1 अप्रैल 2026 को दर्ज यह मामला राजनीतिक रूप से काफी चर्चित रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच CID को सौंपी गई है।
अनंत सिंह पर हथियार लहराने का मामला
दूसरा मामला मीरगंज थाने में 4 मई 2026 को दर्ज किया गया था। यह मामला 2-3 मई की रात आयोजित एक जनेऊ समारोह के दौरान मंच पर खुलेआम हथियार लहराने के वायरल वीडियो से जुड़ा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर मोकामा विधायक अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद दिखाई दिए थे। वीडियो में कई लोगों द्वारा हथियार प्रदर्शन किए जाने का आरोप है।
इस मामले में अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत नौ लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार दोनों मामलों से जुड़े दस्तावेज CID को सौंप दिए गए हैं। जांच एजेंसी अब तकनीकी साक्ष्य, गवाहों के बयान और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने लगाई रोक
इसी मामले में गोपालगंज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने मई में अनंत सिंह और भोजपुरी गायक गुंजन सिंह की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) तृतीय सह एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पांडेय ने सुनवाई के दौरान 5 जून तक गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित की थी। अनंत सिंह के अधिवक्ता राजेश कुमार पांडेय के अनुसार पुलिस उस समय फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर सकी थी, जिसके कारण सरकार की ओर से अतिरिक्त समय मांगा गया था।
पप्पू पांडेय ने वापस ली अग्रिम जमानत याचिका
वहीं, जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने विधायक और उनके भाई सतीश पांडेय द्वारा पटना हाईकोर्ट में दायर एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई पूरी होने तक किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इसके बाद विधायक के वकीलों ने कोर्ट से जमानत अर्जी वापस लेने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। फिलहाल दोनों मामलों की जांच CID द्वारा शुरू कर दी गई है और आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।




