ब्रेकिंग
Bihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समयBihar News : RJD स्थापना दिवस पर पोस्टर पॉलिटिक्स! जिन नामों की थी चर्चा वही गायब, शहाबुद्दीन-ओसामा के पोस्टर ने खींचा ध्यानBihar News : सरकारी स्कूलों के सामान खरीद में खेल? फर्जी बिल, बदली तारीखें और पत्नियों के नाम पर फर्म का आरोपBihar News : PM मोदी की सुरक्षा संभालेंगे बिहार के IPS अमित कुमार, SPG में मिली बड़ी जिम्मेदारी; जानिए कौन हैं ये अफसरBihar News : बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल! 270 CO का तबादला, देखें आपके जिले के नए अंचल अधिकारी कौनBihar News : स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! बिहार में बदल गया स्कूलों का समय

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का बड़ा फैसला, तलाक के लिए अब 6 महीने का इंतजार जरूरी नहीं

DELHI: तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के पास किसी शादी को सीधे रद्द करार देने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का बड़ा फैसला, तलाक के लिए अब 6 महीने का इंतजार जरूरी नहीं
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। पांच जजों की संविधान पीठ ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के पास किसी शादी को सीधे रद्द करार देने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा है कि अगर पति-पत्नी के रिश्तों में सुधार की गुंजाइस नहीं बची है तो दंपति को तलाक के लिए छह महीने के इंतजार की जरूरत नहीं है। ऐसी स्थित में सुप्रीम कोर्ट अपनी तरफ से तलाक का आदेश दे सकता है।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष यह सवाल आया था कि शीर्ष अदालत को किसी शादी को सीधे रद्द करार देने का अधिकार है या उसे निचली अदालत के फैसले के बाद ही अपील सुननी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले को लेकर 29 सितंबर, 2022 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसपर अब संविधान पीठ ने अपना फैसला सुनाया है। 


सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 142 के तहत विशेष शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर यह फैसला सुनाया है। इस अनुच्छेद के तहत सुप्रीम कोर्ट सीधे तलाक का आदेश दे सकता है। अब सुप्रीम कोर्ट की नई व्यवस्था के मुताबिक, आपसी सहमति से तलाक के लिए निर्धारित 6 माह के प्रतीक्षा अवधि की जरूरत नहीं है।