शादी के अगले दिन हुई बिहार में लॉकडाउन की घोषणा, दूल्हा-दुल्हन के साथ 22 दिन से फंसे हैं 36 बाराती

शादी के अगले दिन हुई बिहार में लॉकडाउन की घोषणा, दूल्हा-दुल्हन के साथ 22 दिन से फंसे हैं 36 बाराती

CHHAPRA : देश भर में कोरोना महामारी तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत में अब तक 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ गए हैं. देश भर में लॉक डाउन की घोषणा होने से पहले ही बिहार के सीएम ने लॉक डाउन की घोषणा की थी. इसी से जुड़ा एक दिलचस्प मामला सूबे के छपरा जिले से सामने आया है. जहां शादी के अगले दिन ही बिहार में लॉकडाउन की घोषणा होने के कारण 22 दिन से 36 बाराती फंसे हैं.


मामला छपरा जिले के मांझी इलाके की है. जहां एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला है. शादी के अगले दिन ही बिहार में लॉकडाउन की घोषणा होने के कारण 22 दिन से 36 बाराती फंसे गए हैं. बारातियों के कष्ट को देखते हुए दुल्हन भी अपने मायके को छोड़ बारातियों के साथ कैंप में रह रही है.मांझी गांव के लोग इनकी काफी मदद कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस दिन दूल्हे की बारात आई थी, उसके अगले ही दिन पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा भी हो गई. दूल्हा कोलकाता से बारात लेकर छपरा के मांझी आया था लेकिन लॉकडाउन के कारण रेलगाड़ी के साथ-साथ सड़क यातायात भी बंद हो गया जिसके कारण दुल्हन के घरवालों ने दूल्हा-दुल्हन और बारातियों को गांव के बाहर एक स्कूल में ठहरा दिया.


छपरा में 22 दिनों से 36 बारातियों ने इस स्कूल में शरण लिया हुआ है. 21 दिन किसी तरह बिताने के बाद इन  बारातियों का सारा पैसा खत्म हो चुका है लिहाजा अब गांव वालों की मदद से ये लोग भोजन कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने लॉकडाउन की अवधि को फिर से 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया है जिसके बाद ये लोग परेशान हो गए हैं. सभी बाराती पश्चिम बंगाल के भिखमहि गांव से छपरा के मांझी आये थे. अनुभव जिंदगी के सदस्य संजीव कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से तमाम बारातियों को भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है.