1st Bihar Published by: Updated Tue, 18 May 2021 07:28:16 AM IST
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PATNA : बिहार में अभी कोरोना की रफ़्तार थोड़ी धीमी पड़ी थी कि ब्लैक फंगस के कहर से एक बार फिर सूबे के लोग दहशत में आ गए हैं. हर दिन नए मरीजों के मिलने की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. इतना ही नहीं इससे होने वाली मौत की संख्या भी धीरे धीरे बढ़ती जा रही है. वहीं, कोरोना से ठीक होने के बाद ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) से संक्रमित बेतिया राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पैथोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर पांडेय की रूबन मेमोरियल अस्पताल में मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि कोरोना से ठीक होने के बाद उन्हें ब्लैक फंगस हो गया था. दाहिनी आंख निकाल देने के बाद शरीर के कई अंगों के काम करना बंद कर देने के कारण उनकी माैत हाे गई. रूबन मेमोरियल के निदेशक डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने बताया कि पांच दिन पहले डॉ. पांडेय भर्ती हुए थे. उनकी सर्जरी भी हुई थी.
डॉक्टरों के अनुसार, जब वे घर में थे, तभी ब्लैक फंगस से संक्रमित हो गए थे. उन्हें सेप्टीसीमिया भी हो गया था. देर से इलाज के लिए भर्ती हुए थे. पटना के अस्पताल में ब्लैक फंगस से संक्रमित किसी चिकित्सक की यह पहली मौत है. हालांकि इसके पहले भी ब्लैक फंगस से दो लोगों की मौत हो चुकी है. सोमवार को 11 और मरीज मिले हैं. इनमें पटना एम्स में पांच और आईजीआईएमएस में छह मरीज मरीज भर्ती हुए.
ब्लैक फंगस के लक्षण
ब्लैक फंगस से बचाव के उपाय