1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 02, 2025, 8:38:11 AM
पटना न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Patna News: बिहार की राजधानी पटना के शास्त्रीनगर पुलिस ने कार से घूमकर बंद फ्लैट में चोरी करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी, खुशरूपुर के तनीतर गांव निवासी प्रद्युम उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से चोरी के 2.12 लाख रुपये, लगभग पांच लाख रुपये के जेवरात, पुराने नोट और चोरी में प्रयुक्त एक कार बरामद की गई है। वहीं, गिरोह के अन्य अपराधियों की तलाश के लिए पुलिस छापेमारी जारी रखे हुए है। यह खुलासा सोमवार की है।
16 जून को शास्त्रीनगर के गोकुल पथ स्थित आरजे इंक्लेव फ्लैट नंबर 204 का ताला तोड़कर बदमाशों ने नकदी समेत लाखों रुपये के आभूषण चोरी कर लिए थे। फ्लैट का निवासी परिवार इलाज के लिए चंडीगढ़ गया हुआ था, जिससे मौका पाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। इसी प्रकार 28 जून की रात को दीघा-आशियाना रोड के रामनगरी मोड़ के पास स्थित वृंदावन गार्डेन अपार्टमेंट के एक बंद फ्लैट में भी नकदी और कीमती जेवर चोरी हो गए।
नगर पुलिस अधीक्षक दीक्षा ने इस मामले में डीएसपी सचिवालय टू के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की थी। जांच में सामने आया कि दोनों चोरी की घटनाएं एक ही शैली में हुई हैं और इन दोनों घटनाओं में चार बदमाश शामिल थे।
सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल में देखा गया कि चारों बदमाश एक कार से आते और चोरी के बाद वापस जाते दिखे। इस कार की जांच के बाद पता चला कि यह कार खुशरूपुर के विक्की की है। पुलिस ने छापा मारकर विक्की को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी के आभूषण, नकदी और लगभग 84 हजार रुपये के पुराने नोट भी बरामद हुए हैं।
शास्त्रीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि गिरोह ने बड़े पैमाने पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है और अब तक कई फ्लैटों को निशाना बनाया है। गिरोह की पहचान के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधि या अज्ञात व्यक्तियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि चोरी और अन्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि बंद फ्लैट्स की सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता है। अपार्टमेंट प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन से अनुरोध है कि वे सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था कड़ी करें और समय-समय पर सुरक्षा जांचें आयोजित करें।