वोटिंग ऑफ कोरोना ऑन: अगस्त के बाद पहली बार पटना में मिले कोरोना के 432 मरीज, चुनाव के बाद बजा अलार्म

वोटिंग ऑफ कोरोना ऑन: अगस्त के बाद पहली बार पटना में मिले कोरोना के 432 मरीज, चुनाव के बाद बजा अलार्म

PATNA: कोरोना संकट में भी बिहार में चुनाव कराया गया है. इस जिद का असर भी दिखने लगा है. 19 अगस्त के बाद पहली बार राजधानी पटना में 432 कोरोना के मरीज मिले हैं. पटना में तेजी से संक्रमण बढ़ने लगा है. जांच कराने वाले कई मरीजों का रिपोर्ट भी नहीं मिल रहा है. जिससे नाराज लोग रिपोर्ट दबाने का भी आरोप लगा रहे हैं.

भ्रम से निकले बाहर

बिहार के लोगों के बीच यह भ्रम पैदा हो गया है कि चुनाव हुआ है, रैली में भारी संख्या में लोग जुटे. फिर भी कुछ हुआ नहीं, लेकिन लोगों को इस भ्रम से निकलने की जरूरत है. क्योंकि चुनाव के बाद बिहार में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ने का डर है. रैली में हजारों लोग बिना मास्क के शामिल हो रहे थे. ऐसे में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका तेज है. ऐसे में लोगों को सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है.


कोरोना पॉजिटिव नेता भी कर रहे थे जनसंपर्क

बिहार विधानसभा चुनाव में कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी विधायक अरूण सिन्हा पटना में जनसंपर्क अभियान और चुनाव प्रचार करते रहे. ऐसे में अरूण सिन्हा सैकड़ों लोगों के संपर्क में आए. जब मामला सामने आया तो 2 दिन शांत रहे और खुद को कोरोना निगेटिव बता फिर से चुनाव मैदान में उतर गए. वजीरगंज के बीजेपी प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना पॉजिटिव हुए. उनके संपर्क में भी सैकड़ों लोग आए. खुद उनके परिवार के 6 लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए. 


कई बड़े नेता हुए संक्रमित

चुनाव प्रचार के दौरान कई नेता भी संक्रमित हो गए जिसमें सबसे अधिक बीजेपी के नेता रहे. सुशील कुमार मोदी, राजीव प्रताप रुढी, शाहनवाज हुसैन, देवेंद्र फडणवीस, स्मृति ईरानी, कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल समेत कई नेता पॉजिटिव हुए. बेनीपट्टी से निर्दलीय उम्मीदवार नीरज झा कोरोना पॉजिटिव हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. कोरोना से ही मंत्री कपिल देव कामत का निधन हो गया. कोरोना से ठीक होने के बाद मंत्री विनोद सिंह को ब्रेन हैमरेज हुआ और उनकी भी मौत हो गई.