पटना के रुबन हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमण का खतरा, PMCH से भागकर कोरोना का संदिग्ध इसी निजी अस्पताल में पहुंचा

पटना के रुबन हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमण का खतरा, PMCH से भागकर कोरोना का संदिग्ध इसी निजी अस्पताल में पहुंचा

PATNA : पटना के चर्चित प्राइवेट हॉस्पिटल रूबन अस्पताल में कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। पाटलिपुत्र स्थित रूबन अस्पताल में कोरोना के एक संदिग्ध के पहुंचने के बाद हड़कंप की स्थिति मच गई। दरअसल पीएमसीएच से कोरोना का एक संदिग्ध वहां से निकल भागा और पाटलिपुत्र स्थिति रुबन अस्पताल जा पहुंचा।


बताया जा रहा है कि कोरोना का यह संदिग्ध किडनी की बीमारी से ग्रसित है और इसे पीएमसीएच में कोरोना के लक्षण को देखते हुए भर्ती कराया गया था लेकिन बाद में वह वहां से निकल जाएगा और सीधे पटना के पाटलिपुत्र क्षेत्र अस्पताल जा पहुंचा। दरअसल कोरोना वायरस का यह संदिग्ध रूबन अस्पताल में ही पहले से अपना इलाज करा रहा था। भोजपुर के रहने वाले इस शख्स को पीएमसीएच में एडमिट किया गया था लेकिन वह वहां से निकलकर रुबन अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल के निदेशक डॉ सत्यजीत सिंह ने इसकी सूचना तुरंत पाटलिपुत्र थाने को दी जिसके बाद उसे वापस पीएमसीएच भेजा गया। 


इस संदिग्ध को रुबन अस्पताल से पीएमसीएच रेफर किया था लेकिन उसके वापस पहुंचने के बाद रूबन अस्पताल में हड़कंप मच गया। पीएमसीएच से निकलकर रुबन अस्पताल पहुंचे इस संदिग्ध के संपर्क में कौन-कौन लोग आए यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन फिलहाल सबकी नजरें उसके कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। अगर इस शख्स का रिपोर्ट पॉजिटिव आया तो रुबन अस्पताल में संक्रमण का बड़ा खतरा देखने को मिल सकता है।

रूबन की सफाई

रूबन हॉस्पिटल के डॉ. सत्यजीत सिंह ने कहा कि मरीज को कोरोना संक्रमण साबित नहीं था. लेकिन बुख़ार के कारण उसे जांच के लिए सलाह दिया गया था. मेरे अस्पताल में सभी मरीज का पूरे सावधानी के साथ अस्पताल दरवाज़े के बाहर जांच होता है. जैसे ही बुख़ार की शिकायत होती है तो उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया जाता रहा है. इस सावधानी के साथ पिछले तीन हफ़्ते में बहुत इमरजेंसी रोगियों की जिंदगी बचाई गई है. अस्पताल अगर ऐसे मरीज का इलाज बंद कर देंगे तो कोरोना से ज़्यादा साधारण मरीज की ही मौत हो जाएगी. पूरी सावधानी के साथ मरीज़ों का जान बचाना ही डॉक्टर और अस्पताल का धर्म है ख़ास कर ऐसे समय में.  वो मरीज रुबन अस्पताल के सावधानी के कारण वापस जांच के मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया. कोई भी मरीज सर्जिकल कारण भर्ती होने पर बुख़ार होते उसका करोना के जांच हुआ है लेकिन सभी मरीज निगेटिव आया है. बहुत सारे अस्पताल बंद कर दिया गया है इससे आम आदमी को मौत हो रही है. रूबन बुख़ार, खांसी और सांस के तकलीफ वाले मरीज को भर्ती नहीं कर रहा है.