ब्रेकिंग
Bihar weather : आज घर से निकलने से पहले पढ़ लें! बिहार के 27 जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनीBihar News : बिहार से हरियाणा जाना होगा आसान! 6 शहरों से शुरू होगी सरकारी AC बस सेवाBihar Ias Transfer: बिहार के 10 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, पूरी लिस्ट देखिए..बिहार प्रशासनिक सेवा के 11 अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों में DDC-DTO और SDO की पोस्टिंग; लिस्ट देखें..‘अब तक लोग BJP के डर से भागते थे, पहली बार उम्मीदवार ही भाग गया’, प्रशांत किशोर का तीखा हमलाBihar weather : आज घर से निकलने से पहले पढ़ लें! बिहार के 27 जिलों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की चेतावनीBihar News : बिहार से हरियाणा जाना होगा आसान! 6 शहरों से शुरू होगी सरकारी AC बस सेवाBihar Ias Transfer: बिहार के 10 आईएएस अफसरों का ट्रांसफर-पोस्टिंग, पूरी लिस्ट देखिए..बिहार प्रशासनिक सेवा के 11 अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों में DDC-DTO और SDO की पोस्टिंग; लिस्ट देखें..‘अब तक लोग BJP के डर से भागते थे, पहली बार उम्मीदवार ही भाग गया’, प्रशांत किशोर का तीखा हमला

नीतीश कुमार ने बदली बिहार की सोच और अप्रोच, दरभंगा में PM मोदी बोले ... नीतीश कुमार के आने के बाद गरीबों का हो रहा इलाज

DARBHANGA : पीएम मोदी ने आज दरभंगा AIIMS का शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीएम नीतीश भी मौजूद रहे। इसके अलावा वह बिहार में करीब 12,100 करोड़ रुपये की लागत वाली

नीतीश कुमार ने बदली बिहार की सोच और अप्रोच, दरभंगा में PM मोदी बोले ... नीतीश कुमार के आने के बाद गरीबों का हो रहा इलाज
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

DARBHANGA : पीएम मोदी ने आज दरभंगा AIIMS का शिलान्यास किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ सीएम नीतीश भी मौजूद रहे। इसके अलावा वह बिहार में करीब 12,100 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में मिथला कि बेटी शारदा सिन्हा को भी याद किया। पीएम ने कहा कि शारदा सिन्हा ने अद्भुत गीत के जरिए छठ पर्व को पूरी दुनिया में पहुंचाया। पीएम ने संबोधन में बिहार कोकिला शारदा सिन्हा को श्रद्धांजलि दी।


पीएम मोदी ने कहा कि  देश में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा बीमारियां प्रभावित करती हैं। घर में कोई गंभीर बीमार पड़ जाए, तो पूरा परिवार संकट में आ जाता है। हम इस चिंता को समझते हैं। पहले के दौर में अस्पताल बहुत कम थे, डॉक्टरों की संख्या बहुत कम थी, दवाइयां बहुत महंगी थी, जांच का कोई ठिकाना नहीं था। पीएम ने कहा कि पूर्व की सरकारें सिर्फ वादों और दावों में उलझी रही थी। बिहार में जब तक नीतीश कुमार सरकार में नहीं आए, तब तक गरीबों की चिंता को लेकर कोई गंभीरता नहीं थी। गरीब लोगों के पास चुपचाप बीमारी सहने के अलावा कोई चारा नहीं था। ऐसी स्थिति में हमारा देश कैसे आगे बढ़ता। इसलिए पुरानी सोच और अप्रोच, दोनों को बदला गया।

रोजगार के नए अवसर बनेंगे

इसके आगे पीएम ने कहा कि आज एक ही कार्यक्रम में 12 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ, यह बहुत बड़ी बात है। इसमें सड़क और रेलवे के कई प्रोजेक्ट्स हैं। साथ ही दरभंगा में एम्स का शिलान्यास हुआ है। इसके निर्माण से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत बड़ा परिवर्तन आएगा। इससे मिथिला, कोसी और तिरहुत क्षेत्र के अलावा पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों को भी सुविधा होगी। नेपाल से आने वाले मरीज भी एम्स में इलाज करा सकेंगे। क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

 लोगों को स्वस्थ रखने की दिशा में काम कर रही सरकार

पीएम ने कहा कि  कोई परिवार नहीं चाहता कि उसके घर में कोई बीमारी पड़े। शरीर स्वस्थ रहे, इसके लिए योग, आयुर्वेद और पोषक खानपान का महत्व बताया जा रहा है। फिट इंडिया मूवमेंट चलाया जा रहा है। बीमारियों की आम वजह गंदगी, दूषित खानपान और खराब जीवनशैली होती है। इसलिए स्वच्छ भारत अभियान, हर घर शौचालय और नल से जल जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे आयोजनों से शहर तो स्वच्छ बनता ही है, बीमारियां फैलने की गुंजाइश भी कम हो जाती है। उन्होंने बिहार सरकार को दरभंगा में बड़े स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाए जाने पर आभार जताया और आगे भी इसे जारी रखने की अपील की। 

कर्पूरी ठाकुर का सपना पूरा करने का काम किया

उसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने अपनी एक गारंटी पूरी कर दी है। 70 साल से ऊपर के जितने भी बुजुर्ग हों, उनके मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू हो गई है। जल्द ही सभी बुजुर्गों के पास आयुष्मान वंदन कार्ड होगा। छोटे शहरों में भी इलाज की बेहतरीन सुविधा पहुंचाने के लक्ष्य की ओर हम काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने जननायक कर्पूरी ठाकुर का सपना पूरा करने का काम किया है। अब कोई भी अपनी मातृभाषा में मेडिकल की पढ़ाई करके डॉक्टर बन सकता है। हिन्दी और दूसरी भारतीय भाषाओं में भी मेडिकल की पढ़ाई का विकल्प दिया जा रहा है। इससे गरीब, आदिवासी और दलित परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर बन सकते हैं।