ब्रेकिंग
Bihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतराBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा

राबड़ी देवी की याचिका पर CBI का कड़ा विरोध: कहा..अदालत को बदनाम नहीं कर सकते, न ही जज पर सवाल उठाए जा सकते हैं

सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की उस याचिका का विरोध किया है, जिसमें उन्होंने अपने और अपने परिवार के लोगों के खिलाफ चल रहे घोटालों के चार मामलों को जज विशाल गोगने की अदालत से हटाने की मांग की है. सीबीआई ने कहा कि राबड़ी देवी न्यायपालिका को

बिहार
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DELHI: पूर्व बिहार मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा अपने और परिवार से जुड़े घोटालों के मामलों की सुनवाई दिल्ली के Rouse Avenue कोर्ट के जज विशाल गोगने से हटाने की मांग पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को सख्त आपत्ति जताई. CBI ने अदालत में कहा कि राबड़ी देवी ने न्यायिक प्रक्रिया और न्यायाधीश की निष्पक्षता पर पूरी तरह गलत आरोप लगाए हैं, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता. 


बता दें कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आईआरसीटीसी(IRCTC) घोटाला मामले में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने वाले न्यायाधीश विशाल गोगने की कोर्ट से चार मामलों को ट्रासंफर करने की मांग को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के समक्ष याचिका दायर की है. इस याचिका में कहा गया है कि आईआरसीटीसी घोटाले की सुनवाई कर रहे जज पक्षपात करते रहे हैं और वह उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पूर्व नियोजित तरीके से मुकदमा चला रहे हैं। 


CBI ने कहा- कोर्ट को डराया या बदनाम नहीं किया जा सकता

शनिवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान CBI के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) डी.पी. सिंह ने कहा कि जज गोगने पूरी तरह कानून की ओर से निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं और उनके कामकाज पर इस तरह की टिप्पणी अनुचित है. उन्होंने अदालत में कहा—आप कोर्ट को बुलडोज़ नहीं कर सकते, न जज को बदनाम कर सकते हैं, न ही अपनी पसंद की अदालत चुनने के लिए फोरम शॉपिंग कर सकते हैं.


किन मामलों की हो रही है सुनवाई?

राबड़ी देवी, लालू यादव, तेजस्वी यादव और कई अन्य आरोपियों पर IRCTC घोटाला, कथित नौकरी के बदले जमीन घोटाला और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में आरोप तय किए जा चुके हैं. पिछले 13 अक्टूबर को जज गोगने ने IRCTC मामले में सभी आरोपियों पर आधिकारिक रूप से आरोप तय किए थे।


राबड़ी देवी का आरोप—जज पक्षपात कर रहे

राबड़ी देवी ने अपनी याचिका में न्यायाधीश पर पक्षपातपूर्ण रवैये, “पूर्वाग्रह से ग्रसित मन” और अभियोजन पक्ष के प्रति “अनुचित झुकाव” होने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि जज का व्यवहार निष्पक्षता की भावना को प्रभावित कर रहा है।


CBI का जवाब—जज अपना संवैधानिक कर्तव्य निभा रहे

राबड़ी देवी ने यह भी कहा कि जज ने आरोप तय करते समय आदेश हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में पढ़कर सुनाया और फिर उनसे जवाब मांगा, जिससे अनावश्यक तौर पर लोगों का ध्यान उस ओर आकर्षित हुआ। इस पर सीबीआई के वकील डी.पी. सिंह ने कहा कि अदालत का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह आरोपों को पढ़कर आरोपी को समझाए और पूछे कि वह खुद को दोषी मानते हैं या नहीं. इसे पक्षपात नहीं कहा जा सकता.


चुनावी आचार संहिता से जोड़ने का आरोप भी खारिज

राबड़ी देवी ने आरोप लगाया कि जज जानबूझकर IRCTC मामले में आदेश टालते रहे ताकि यह बिहार चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता से जुड़ जाए. CBI ने इस दावे को भी गलत बताया. SPP ने कहा कि जज केवल मामले के कुछ बिंदुओं पर स्पष्टता चाहते थे. यह उनके विवेक और न्यायिक संतोष के लिए आवश्यक था. 


अगली सुनवाई 15 दिसंबर को

इस मामले में दोनों पक्षों की दलीलें 15 दिसंबर को भी जारी रहेंगी. राबड़ी देवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह पेश हुए, जबकि CBI की ओर से डी.पी. सिंह ने अपना पक्ष रखा.