PATNA: केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का निजी सहायक (PA) बनकर जेल प्रशासन पर दबाव बनाने वाले एक आरोपी को सचिवालय थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी कॉल के जरिए सरकारी कार्य में अनुचित हस्तक्षेप करने और एक बंदी के जेल स्थानांतरण के लिए पैरवी करने का आरोप है। इस संबंध में जेल महानिरीक्षक (कारा) के प्रधान आप्त सचिव अजय कुमार ने सचिवालय थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
शिकायत के अनुसार, 4 जून 2026 को एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का निजी सहायक (PA) बताते हुए जेल महानिरीक्षक (IG) के मोबाइल पर फोन किया। उसने कहा कि भागलपुर जेल में बंद एक कैदी की छह माह की अवधि पूरी हो चुकी है और उसे वापस पटना के बेऊर जेल में शिफ्ट कर दिया जाए। फोन करने वाले व्यक्ति ने संबंधित बंदी को अपना करीबी बताते हुए उसके स्थानांतरण के लिए लगातार दबाव बनाया। इस पर जेल महानिरीक्षक को संदेह हुआ और उन्होंने मामले की जांच कराई।
जांच में पता चला कि नीरज कुमार नाम का कोई व्यक्ति केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ निजी सहायक के रूप में कार्यरत नहीं है। इसके बाद स्पष्ट हुआ कि आरोपी मंत्री के नाम का गलत इस्तेमाल कर सरकारी कार्य में हस्तक्षेप करने और अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।
मामले की पुष्टि होने के बाद अजय कुमार ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद सचिवालय थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी का उद्देश्य क्या था और उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है।
पुलिस ने बताया कि केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को फोन कर पैरवी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार युवक केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह का फर्जी पीए बनकर जेल आईजी को कॉल कर सरकारी काम में हस्तक्षेप कर रहा था। पटना के सचिवालय थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार किया।
महानिरीक्षक के प्रधान आप्त सचिव गृह विभाग (कारा) पटना अजय कुमार ने लिखित आवेदन देकर केस दर्ज कराया है। उन्होंने थाने में यह शिकायत की है कि 4 जून 2026 को तथाकथित रूप से एक नीरज कुमार जो खुद को केन्द्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का निजी सहायक (पीए) बता रहा था। उसके मोबाइल से जेल के महारिरीक्षक के मोबाइल पर फोन करके कहा गया था कि भागलपुर में एक बंदी है, जिसका छह माह पूरा हो चुका है। उसे वापस बेऊर जेल पटना में स्थानांतरण कर दिया जाए।
उक्त बंदी को भागलपुर से पटना बेऊर में शिफ्ट करने की पैरवी की गयी थी। यह भी कहा गया कि वह बंदी उसके काफी नजदीकी है एवं उसके द्वारा दबाव बनाया जाने लगा कि उसका भागलपुर से पटना स्थानांतरण करना आवश्यक है। महानिरीक्षक को उसके ऊपर शक हुआ तब युवक के बारे में खोजबीन कराया गया तब पता चला की इस नाम का कोई व्यक्ति केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ कार्यरत नहीं है। कोई फ्रॉड आदमी उनके नाम का गलत उपयोग करके सरकारी कार्य में अनुचित हस्तक्षेप कर दबाव बना रहा था। उन्होंने उक्त युवक पर कार्रवाई करने की मांग की।








