Bihar Politics: प्रशांत किशोर ने पहली बार चुनाव मैदान में उतरते ही बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा दी। उनकी जीत के बाद जहां जनसुराज की बढ़ती राजनीतिक ताकत और बीजेपी के साथ साथ राष्ट्रीय जनता दल की करारी हार चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गई है।
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी दूसरे स्थान पर रही, जबकि तेजस्वी यादव की ओर से उतारी गई राजद प्रत्याशी रेखा कुमारी तीसरे नंबर पर रहीं। इतना ही नहीं, राजद उम्मीदवार की जमानत भी जब्त हो गई। इस हार के बाद पार्टी के अंदर भी सवाल उठने लगे हैं।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने जहां इस हार को लेकर तेजस्वी यादव के करीबियों पर निशाना साधा। तो अब कांग्रेस नेता और पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी प्रशांत किशोर की जीत के बहाने राजद नेतृत्व पर हमला बोला है।
पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में बीजेपी को हराने के लिए विकल्प नहीं था। आरजेडी का जो वर्तमान नेतृत्व है वह राजनीतिक और सामाजिक तौर पर खत्म हो चुका है। आरजेडी की सोंच अब आम आदमी वाली नहीं रही। ऐसे में विकल्प नहीं रहने और जेन जी पर लाठी-गोली चलाने का गुस्सा ही बांकीपुर और दतिया में जीत का कारण बनी। उन्होंने कहा कि राजद को अपनी राजनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। तेजस्वी यादव फिलहाल राजद के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।
बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम राजद के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। करीब नौ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में राजद इस सीट पर मुख्य मुकाबले में थी, लेकिन इस बार पार्टी प्रत्याशी मुकाबले से बाहर हो गईं।
प्रशांत किशोर की जीत के बाद उन्हें विपक्षी राजनीति के नए चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह जीत बिहार में विपक्षी राजनीति के नए समीकरणों की शुरुआत कर सकती है। ऐसे में राजद के सामने अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार करने की चुनौती है। बांकीपुर उपचुनाव का नतीजा अब बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और विपक्षी नेतृत्व की दिशा को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है।





