Mukesh Sahani: विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी निषाद आरक्षण संकल्प अभियान के तहत शनिवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित रॉबर्ट्सगंज पहुंचे। यहां चंडी तिराहा, उत्तर मोहल्ला में पार्टी कार्यकर्ताओं और निषाद समाज के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सहनी ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए निषाद आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला।
मुकेश सहनी ने कहा कि पिछले छह-सात महीनों से वे उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण संकल्प अभियान चला रहे हैं। रॉबर्ट्सगंज में भी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाथ में गंगाजल लेकर संकल्प लिया है कि यदि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद समाज को अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ लागू नहीं किया गया, तो वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि सोनभद्र के बाद यह अभियान लगातार गांव-गांव चलेगा और 30 नवंबर तक प्रदेश के सभी 80 जिलों में निषाद समाज को जागरूक किया जाएगा। कहीं 50, कहीं 100 तो कहीं इससे अधिक लोग गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लेंगे। इस अभियान के वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे और देश तथा प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं तक निषाद समाज की मांग पहुंचाई जाएगी।
सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मझवार के नाम पर आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन बिंद और केवट जैसे निषाद समाज के लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बंगाल और दिल्ली में अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ मिलता है तो उत्तर प्रदेश और बिहार में निषाद समाज को उसका लाभ क्यों नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य, दोनों जगह सरकार भाजपा की है, इसलिए इस विसंगति को दूर करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है।
संजय निषाद पर हमला बोलते हुए सहनी ने कहा कि समाज को आरक्षण दिलाने का वादा करने वाले नेता आज सत्ता के साथ हैं, लेकिन वर्षों बाद भी निषाद समाज की मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि निषाद समाज अब किसी एक नेता के पीछे चलने के बजाय स्वयं अपना राजनीतिक निर्णय करेगा। उन्होंने कहा कि 2027 में आरक्षण के मुद्दे पर समाज अपने स्तर पर फैसला लेगा।
मुकेश सहनी ने योगी सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि गरीब, पिछड़े और दलितों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रमों को अनुमति देने में भी बाधाएं खड़ी की जाती हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार है।
भगवान राम और केवट के संबंध का उल्लेख करते हुए सहनी ने कहा कि भगवान किसी एक राजनीतिक दल के नहीं हैं। उन्होंने भाजपा पर धर्म और नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया तथा कहा कि सरकार को जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी नागरिकों के लिए समान रूप से काम करना चाहिए।
बिहार में बाढ़ के बीच दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम पर भी उन्होंने सवाल उठाया। सहनी ने कहा कि जब राज्य के कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और गरीब परिवारों के सामने भोजन की समस्या है, तब सरकार को प्राथमिकता बाढ़ पीड़ितों की मदद को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक सभी इस देश के नागरिक हैं और शासन की जिम्मेदारी सबके साथ समान व्यवहार करने की है।
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से 2027 से पहले आरक्षण की मांग पूरी करने की अपील करते हुए कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो निषाद समाज अपने राजनीतिक भविष्य का फैसला स्वयं करेगा।





