नीतीश कैबिनेट में 28 एजेंडों पर लगी मुहर, चारा घोटाले में शामिल डॉक्टर पिताम्बर झा को किया गया बर्खास्त

नीतीश कैबिनेट में 28 एजेंडों पर लगी मुहर, चारा घोटाले में शामिल डॉक्टर पिताम्बर झा को किया गया बर्खास्त

PATNA : इस वक्त एक बड़ी खबर पटना से सामने आ रही है. जहां नीतीश कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस अहम बैठक में चारा घोटाले में शामिल बिहार पशु चिकित्सा सेवा के पदाधिकारी को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. चारा घोटाले में सजायाफ्ता डॉक्टर पिताम्बर झा को बर्खास्त किया गया है. 

चारा घोटाले में सजायाफ्ता डॉक्टर पिताम्बर झा तब देवघर में भ्रमणशील पशु चिकत्सा पदाधिकारी के पद पर थे. इन्हें बर्खास्त करने की स्वीकृति कैबिनेट से मिल गई है. इसके साथ ही विधायक, विधान पार्षदों और मंत्रियों के वेतन में 15 फीसदी कटौती करने का बड़ा निर्णय लिया गया है. यानि उन्हें अब 15 फीसदी काट कर  वेतन मिलेगा. कोरोना संकट से जूझ रही नीतीश सरकार ने इसके साथ ही तमाम और बड़े फैसले लिए हैं. नीतीश सरकार की इस बैठक में तमाम बड़े 28 एजेंडों पर मुहर लगी है. सरकार ने अगले एक साल तक विधायकों के वेतन में 15 प्रतिशत की कटौती करने का बड़ा निर्णय लिया है. कोरोना संक्रमण उन्मूलन कोष में कटौती की राशि को जमा करने का निर्णय लिया गया है.कोरोना संकट की महामारी को देखते हुए ही कैबिनेट की आपात बैठक बुलायी गई थी. इस वीडियो कांफ्रेसिंग की मीटिंग में मंत्रियों के आवास या सरकारी दफ्तर से वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था की गई थी.

साथ ही मीटिंग में करदाताओं को बड़ी राहत दी गई है. टैक्स पेमेंट करने वालों को 3 महीने की अवधि बढ़ा दी गई है. कोरोना संकट को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक टैक्स पेमेंट करने वालों को 3 महीने की अवधि बढ़ाकर 14 जुलाई 2020 तक की तिथि निर्धारित की गई है. इसके साथ ही GST पे करनेवालों को भी राहत मिलेगी. इस बैठक में दरभंगा के तत्कालीन कृषि सहायक निदेशक  निरंजन कुमार के प्रोन्नति पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है. भविष्य में हमेशा के लिए इनके प्रमोशन को रोक दिया गया है. 


इसके अलावा इस बैठक में कोरोना से लड़ाई के लिए बढ़ाई गई कंटीजेंसी फंड में 350 करोड़ रुपये को बढ़ाकर किया गया 8 हजार 470 करोड़ रुपये कर दिया गया है और साथ ही साथ वित्तीय वर्ष 2020-21 में ऋण उगाही बढ़ाई गई है. इसको 21 हजार 188 करोड़ से बढ़ाकर  26 हजार 419 करोड़ रुपए की गई है.


सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए कल ही यह फैसला किया गया था. दरअसल नरेंद्र मोदी ने पहले ही सांसदों और मंत्रियों के वेतन में 30 फीसदी कटौती करने के साथ ही सांसद फंड को दो साल के लिए समाप्त कर दिया है. नीतीश कुमार उससे एक कदम आगे बढ़ कर वेतन में 15 फीसदी कटौती का बड़ा निर्णय लिया है.