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नेमप्लेट विवाद: सुप्रीम कोर्ट से योगी सरकार को बड़ा झटका, SC ने फैसले पर लगाई रोक

DELHI: सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान उस रूट की दुकानो

नेमप्लेट विवाद: सुप्रीम कोर्ट से योगी सरकार को बड़ा झटका, SC ने फैसले पर लगाई रोक
Mukesh Srivastava
3 मिनट

DELHI: सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें कांवड़ यात्रा के दौरान उस रूट की दुकानों पर दुकानदारों का नेमप्लेट लगाने का आदेश दिया था। योगी सरकार के इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रोक लगाने की मांग की गई थी।


दरअसल, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 22 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ यात्रा को लेकर आदेश जारी किया था कि कांवड़ यात्रा के रूट में जितनी भी खाने-पीने की चीजों की दुकानें हैं उन दुकानों पर दुकान के मालिक और संचालक अपना नाम लिखेंगे। यूपी की योगी सरकार ने शिवभक्तों की आस्था का हवाला देकर इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद इसको लेकर विवाद छिड़ गया था।


एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर इस फैसले को रद्द करने की मांग की। एनडीओ की तरफ से 20 जुलाई को ऑनलाइन सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका दाखिल की गई, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था। इसके अलावा कई अलग-अलग याचिकाएं भी दाखिल की गई थीं। आज 22 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई की। 


सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए योगी सरकार के आदेश पर रोक लगा दिया और कहा कि दुकानदार अपनी दुकानों पर खाने का प्रकार लिखें, अपना नाम लिखने की उन्हें जरूरत नहीं है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब देने को कहा है।


सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्यों के जवाब दाखिल करने तक ऐसे किसी भी आदेश पर रोक रहेगी। कोर्ट ने कहा कि दुकानदारों को पहचान बताने की जरुरत नहीं है बल्कि उन्हें केवल खाने के प्रकार बताने होंगे। कांवड़ियों को शाकाहारी खाना मिले और साफ सफाई रहे। खाना शाकाहारी है या मांसाहारी यह बताना जरूरी है। 26 जुलाई को इस मामले पर अगली सुनवाई होगी।