1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 02, 2024, 3:35:45 PM
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PATNA: बिहार में हुए जातीय गणना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को फिलहाल राहत दे दी है। जातीय सर्वे पर के आंकड़ों पर रोक लगाने से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस को बगैर सुने रोक लगाता उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केस सुनेंगे तभी कोई आदेश देंगे, टुकड़े में आदेश नहीं दे सकते। अब सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर आगामी 29 जनवरी को सुनवाई करेगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के सार्वजनिक डोमेन में डाले गए आंकड़े के विभाजन की सीमा पर सवाल उठाए। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि सर्वे का डेटा प्रकाशित हो चुका है। उस आधार पर आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी कर दिया गया है, जिसको पटना हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।
याचिकाकर्ता के वकील ने अंतरिम राहत के लिए जल्द सुनवाई की मांग सुप्रीम कोर्ट से की लेकिन कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए 29 जनवरी को मामले पर सुनवाई करने की बात कही। अब सुप्रीम कोर्ट आगामी 29 जनवरी को मामले की सुनवाई करेगा।