चुनावी रण में उतरे लालू यादव, बेटी रोहिणी के लिए सारण में करेंगे पहली जनसभा

चुनावी रण में उतरे लालू यादव, बेटी रोहिणी के लिए सारण में करेंगे पहली जनसभा

PATNA : राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद 17 अप्रैल से चुनाव प्रचार शुरू कर रहे हैं। लालू प्रसाद की पहली सभा बेटी रोहिणी आचार्य के क्षेत्र सारण में होने जा रहा है। इसके साथ ही राबड़ी देवी भी अपनी बेटी के लिए चुनाव प्रचार करने जा रही हैं। इसको लेकर लालू और राबड़ी रथ पर सवार होकर आवास से निकल चुके हैं। वैसे अभी राजद की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता और लालू पुत्र तेजस्वी यादव ने प्रचार का मोर्चा संभाला हुआ है।


दरअसल, कुछ दिन पहले ही भाजपा के नेता लालू यादव के चुनाव मैदान में उतरने को लेकर सवाल पूछ रहे थे उसके बाद जवाब देते हुए रोहिणी ने कहा कि अभी उनके पिता (लालू यादव) की तबीयत सही नहीं है, इसलिए वे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए है। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि उनके पापा मैदान में आ गए तो सबकी बोलती बंद हो जाएगी। अभी वे बेटे-बेटी से तो लड़ें। हमसे आकर फरिया लें। 


मालूम हो कि, बिहार के 40 लोकसभा सीट में सारण काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 1967 से लेकर 2019 तक कांग्रेस, लालू प्रसाद यादव और भाजपा तीनों का जबरदस्त टक्कर रहा है। यहां से लालू प्रसाद यादव चार बार सांसद रहे हैं। जबकि  राजीव प्रताप रूडी भी चार बार सांसद रहे हैं। इसबार वो 5वीं बार मैदान में हैं और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में हैं।  


उधर, बात करें  जातीय समीकरण की तो यहां लालू प्रसाद यादव का माय समीकरण काफी महत्त्व रहा है।. मस्लिम और यादव के साथ SC-ST, OBC और अन्य पिछड़ी जाति आती है।फॉरवर्ड जाति की बात करें तो राजपूत और बनिया, भूमिहार, ब्राह्मण, कायस्थ और अन्य जाति है। यादव 25%, राजपूत 23%, वैश्य 20%, भूमिहार 3%, ब्राह्मण 3%, और मुसलमान 6% है. कोयरी, कुर्मी, ओबीसी, एससी-एसटी और अन्य जाति 20% है. यहां की मुख्य लड़ाई यादव और राजपूतों के बीच रही है। हालांकि वैश्य समुदाय का 20% वोट निर्णायक भूमिका निभाती है।