नीतीश देखते रह गए और BJP विधायक अपने बेटी को कोटा से ले आये, सड़क के रास्ते बेटी के साथ उसके दोस्तों को भी पटना लेकर पहुंचे

नीतीश देखते रह गए और BJP विधायक अपने बेटी को कोटा से ले आये, सड़क के रास्ते बेटी के साथ उसके दोस्तों को भी पटना लेकर पहुंचे

PATNA : राजस्थान के कोटा में पढ़ाई करने वाले छात्रों को योगी सरकार द्वारा वापस बुलाए जाने पर नीतीश सरकार में हाय तौबा मच आया था, लेकिन अब बिहार के ही बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने राजस्थान के कोटा में पढ़ाई कर रहे अपनी बेटी और उसके दोस्तों को वहां से वापस बुला लिया है.


हिसुआ से बीजेपी विधायक अनिल सिंह की बेटी कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहे थी. लॉक डाउन के बाद हालात बिगड़ने लगे तो विधायक से रहा नहीं गया. आनन-फानन में वह सड़क के रास्ते राजस्थान के कोटा पहुंचे और वहां से ना केवल अपनी  बेटी हीं, बल्कि उसके कई दोस्तों को भी साथ लेकर पटना आ गए. 

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कोटा से बिहारी छात्रों को वापस लाने को लेकर नीतीश कुमार ज्ञान देते रह गए और बीजेपी के विधायक सारे नियमों को ताक पर रखकर अपने पिता धर्म का पालन करते हुए अपनी बेटी को वापस लेकर आ गए. जिसके बाद विपक्षी नेता तमाम सवाल खड़ा कर रहे हैं.


शनिवार को ही कोरोना संकट की महामारी में सीएम नीतीश ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज अधिकारियों के साथ बैठक की थी. इस बैठक में सोशल डिस्टेंसिंग और लॉक डाउन को सख्ती से लागू करे के लिए विशेष तौर पर चर्चा हुई. इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि कोटा से छात्रों को वापस लाने की मांग पर कहा कि ऐसे तो लॉक डाउन का मजाक उड़ जायेगा.



सीएम नीतीश ने साफ़ तौर पर इस बैठक में कहा कि कोटा मामले में कुछ लोग नहीं माने और अपने कोटा से आ गए. उन्हें बॉर्डर पर रखा गया. वहां उनका टेस्ट करा कर उनको घर भेजने की व्यवस्था की गई. अब कोई कहे कि कोटा में जो लोग फंसे हैं. उनको फिर से बुलवा लिया जाये. इसके साथ ही देश के कोने-कोने में भी जो फंसे हुए हैं, उनकी मांग अगर सभी राज्य मानने लगे तो लॉक डाउन का मजाक उड़ जायेगा. हमलोगों का कमिटमेंट तो पूरे तौर पर है.


सीएम ने इस बैठक में कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग ही हमें बचा सकता है. सबको लॉक डाउन का पालन सुनिश्चित कराना है. इसका पालन लोग नहींकरेंगे तो बड़ी मुश्किल हो जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और फेक न्यूज़ के माध्यम से जो लोग अफवाहें फैला रहे हैं, उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई की जाये. इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाये. जिले में एक पदाधिकारी सोशल डिस्टेंसिंग और लॉक डाउन के नियमों का पालन कराने के अभियान चलकर लोगों को प्रेरित करें.