बिहारी भाषा का झारखंड में हो रहे विरोध पर बोले लालू..मंत्री के बात में कोई दम नहीं, जो इसका विरोध करेगा हम उनका विरोध करेंगे

बिहारी भाषा का झारखंड में हो रहे विरोध पर बोले लालू..मंत्री के बात में कोई दम नहीं, जो इसका विरोध करेगा हम उनका विरोध करेंगे

RANCHI: झारखंड में पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने के लिए राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव आज राजद कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान उन्होंने बिहारी भाषा का झारखंड में हो रहे विरोध पर कहा कि झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की बातों में कोई दम नहीं है। 


मीडिया ने जब उनसे पूछा कि झारखंड में भोजपुरी, मगही, अंगिका, मैथिली भाषा का विरोध हो रहा है। तब मीडिया के इस सवाल का जवाब देते हुए लालू यादव ने कहा कि जो इन भाषा का विरोध कर रहे हैं शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की बातों में कोई दम नहीं है। जो इसका विरोध करेगा हम उनका विरोध करेंगे। 


लालू प्रसाद यादव ने कहा कि कल यानी सोमवार से झारखंड में पार्टी की सदस्यता अभियान की शुरुआत होगी। वही राजद नेता जयप्रकाश यादव ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी, राष्ट्रीय अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के निर्देशानुसार पार्टी पूरे बिहार-झारखंड और देश में सदस्यता अभियान चला रही है। यह अभियान गांव-गांव और पंचायतों तक चलाई जाएगी। इसे लेकर पार्टी के सभी कार्यकर्ता काफी उत्साहित हैं। भाषा विवाद पर जयप्रकाश ने कहा कि इस मामले को हम मिल बैठकर तय कर लेंगे।


गौरतलब है कि राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव करीब दस महीने बाद आज रांची पहुंचे। 15 फ़रवरी को चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा कोषागार घोटाले में होनेवाले फैसले के दौरान कोर्ट की कार्रवाई में वे शामिल होंगे। झारखंड में पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए  वे आज राजद कार्यकर्ताओं से मिले। इस दौरान कई मुद्दों पर उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बता दें कि लालू प्रसाद तीन दिन पहले ही दिल्ली से पटना पहुंचे थे। जिसमें बीते दिनों वह पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल हुए थे। कल पटना में उन्होंने पार्टी के सदस्यता अभियान चलाया था। जिसके बाद आज वे रांची पहुंचे हैं। 


बहुचर्चित चारा घोटाला केस के सबसे बड़े मामले में 15 फरवरी को सीबीआई कोर्ट फैसला सुनाने जा रही है. इसी मामले में लालू यादव को सीबीआई की विशेष अदालत में उपस्थित रहना है. 90 के दशक का सबसे बड़े घोटाले में झारखंड में 53 मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें यह 52वां केस है जिसमें अदालत फैसला सुनाने जा रही है. जहां लालू के विरोधी उन्हें फिर से सजा होने की संभावना जता रहे हैं, वहीं लालू के समर्थक उन्हें केस में बरी होने की उम्मीद लगा रहे हैं.


गौरतलब है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला के अन्य चार केसों में इससे पूर्व सजा पा चुके हैं. अब लालू से जुड़े पांचवें केस के फैसले पर सबकी निगाह टिकी हुई है. इस फैसले पर लोगों की नजर टिकी हुई है. इससे लालू यादव का भविष्य तो तय होगा ही, बिहार की राजनीति भी प्रभावित होगी.