ब्रेकिंग
1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी

बिहार में दिखा अनोखा भक्त: जंजीरों में बंधा, देवघर की ओर पैदल यात्रा पर निकला 'भोलेनाथ का कैदी'

Bihar News: मुंगेर के कांवड़ यात्री शंभू कुमार ने सपने में मिले बाबा भोलेनाथ के संदेश के बाद खुद को जंजीरों में जकड़कर बाबा धाम देवघर की पैदल यात्रा शुरू की। यह दृश्य आस्था और प्रायश्चित का अद्वितीय संगम बना है।

Bihar News
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार के मुंगेर जिले से एक अनोखी और श्रद्धा से भरी घटना सामने आई है, जहां एक भक्त ने स्वयं को जंजीरों में जकड़कर बाबा भोलेनाथ के दरबार, देवघर के लिए पैदल यात्रा शुरू की है। उसके हाथ, पैर, कमर और गर्दन पूरे शरीर को जंजीरों में बांधा गया है। लेकिन यह किसी पुलिस गिरफ्तारी का मामला नहीं, बल्कि भक्ति और प्रायश्चित की मिसाल है।


जहानाबाद निवासी शंभू कुमार नामक यह श्रद्धालु 20 वर्षों से लगातार बाबाधाम की यात्रा करता आ रहा है। इस बार उसकी यात्रा कुछ अलग है। शंभू ने बताया कि हाल ही में उसे सपने में बाबा भोलेनाथ ने दर्शन दिए और कहा कि उसने कोई गुनाह किया है, जिसका प्रायश्चित उसे "कैदी" बनकर करना होगा।


बाबा के आदेश को स्वीकार करते हुए शंभू ने खुद को जंजीरों में कैद कर लिया और भक्ति से लबरेज होकर "कैदी बम" के रूप में पैदल यात्रा शुरू की। कच्ची करवरिया पथ से गुजरते हुए उनके इस अद्वितीय रूप को देखकर राहगीर श्रद्धा और हैरानी के मिले-जुले भाव में डूब गए। हर कोई उन्हें देख बस यही बोल रहा था हर हर महादेव। उनकी आस्था, तपस्या और समर्पण को देखकर बाबा के भक्तों के लिए यह दृश्य एक प्रेरणा बन गया है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें