अनंत सिंह को आतंकवादी घोषित कराने में लगी बिहार सरकार, नये कानून UAPA के तहत दर्ज किया केस

1st Bihar Published by: 2 Updated Aug 18, 2019, 12:02:54 PM

अनंत सिंह को आतंकवादी घोषित कराने में लगी बिहार सरकार, नये कानून UAPA के तहत दर्ज किया केस

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DESK: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को हर हाल में निपटाने पर आमदा राज्य सरकार ने छोटे सरकार पर केंद्र सरकार के नये संशोधित कानून UAPA के तहत केस दर्ज कर लिया है. UAPA वो कानून है जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर उसकी सारी संपत्ति तक जब्त कर ली जाती है. केंद्र सरकार ने संसद के पिछले सत्र में इसे पास किया है और नीतीश सरकार ने इसका पहला शिकार अनंत सिंह को बना लिया है. https://youtu.be/_8tQiZtHkdU अनंत का जिस पर आरोप उसी को जांच का जिम्मा अनंत सिंह के घर से AK-47 रायफल, दो ग्रेनेड और कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ UAPA, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. बिहार पुलिस ने मामले की जांच बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह को सौंपा है. लिपि सिंह जदयू के नेता आर सी पी सिंह की पुत्री हैं और अनंत सिंह शुरू से लिपि सिंह पर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान भी अनंत सिंह की शिकायत पर चुनाव आयोग ने लिपि सिंह को बाढ़ के एएसपी पद से हटा दिया था. अब बिहार सरकार ने लिपि सिंह को ही अनंत सिंह के खिलाफ मामले की जांच का जिम्मा सौंप दिया है. https://youtu.be/ttRbGxgK9pw बिहार पुलिस NIA के संपर्क में बिहार पुलिस इस मामले को लेकर लगातार NIA के संपर्क में है. दरअसल UAPA कानून के तहत कार्रवाई का अधिकार NIA को ही है. यही एजेंसी किसी व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर उसकी संपत्ति जब्त करने, यात्राओं पर रोक लगाने जैसे निर्देश जारी कर सकते हैं. बिहार पुलिस अनंत सिंह के खिलाफ ऐसी ही कार्रवाई चाह रही है. हालांकि AK 47 की बरामदगी संवेदनशील मामला है लिहाजा NIA अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है. क्या है UAPA कानून UAPA कानून आतंकवाद निरोधक कानून है. 1967 में बने इस कानून को इसी साल मोदी सरकार ने संशोधित किया है. संशोधन लागू होने के बाद ये कानून बेहद सख्त हो गया है. अब केंद्र सरकार और उसकी एजेंसी NIA को अगर लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है तो उसे आतंकी घोषित किया जा सकता है. सरकार उसकी सारी संपत्ति जब्त कर सकती है. लेकिन ये सारा अधिकार NIA को है. राज्य की पुलिस इस कानून के तहत कार्रवाई नहीं कर सकती.