1st Bihar Published by: 7 Updated Aug 31, 2019, 6:23:51 PM
- फ़ोटो
PATNA : अनंत सिंह के पैतृक आवास से AK-47 मिलने के बाद आतंकवाद निरोधक कानून यानि UAPA के तहत कार्रवाई करने वाली पुलिस के हाथ विवेका पहलवान के गिरेबान तक पहुंचने में क्यों कांप रहे हैं. दो-दो AK-47 रायफल वाला वीडियो वायरल होने के बावूजद कुख्यात विवेका पहलवान खुलेआम घूम रहा है. पटना के अपने आवास पर विवेका पहलवान मीडिया से खुलेआम बात कर रहा है. वीडियो में हथियार के साथ दिखने वाला अपराधी सरेआम वीडियो जारी कर रहा है और पुलिस के हाथ कांप रहे हैं. सवाल ये उठ रहा है कि क्या सत्ताधारियों से मिले बिहार केसरी के तमगे ने विवेका पहलवान को कानून से उपर कर दिया है. 24 घंटे में विवेका पर कोई दबिश नहीं कल शाम में विवेका पहलवान के घर का वीडियो जारी हुआ था. दो-दो AK-47 के साथ खुलेआम हथियार लहराते तीन गुर्गे. साथ में ये एलान भी की दो AK-47 कमरे के बाहर भी मौजूद है. यानि एक घर में चार AK-47 और वो घऱ विवेका पहलवान का. 4 AK-47 इस घर के मालिक को पुलिस ने पकड़ने की कोई कोशिश नहीं की है. वीडियो वायरल होने के घंटों बाद पुलिस ने कल रात छापेमारी की औपचारिक कार्रवाई की. बच्चे बच्चे को पता था कि छापेमारी में न हथियार मिलेगा और न हथियार उठाने वाले गुर्गे. खुद विवेका पहलवान पटना के अपने आवास में मौजूद है लेकिन पुलिस ने उससे औपचारिक पूछताछ की भी जरूरत नहीं समझी है. किसके दबाव में है पुलिस एक घर में चार AK-47 का ये मामला बिहार के लिए अभूतपूर्व वाकया है. लेकिन पुलिस हाथ बांधे बैठी है. अनंत सिंह के गांव वाले घर में AK-47 की बरामदगी के घंटे भर के बाद इसी पुलिस ने SIT बना दी थी. बिहार पुलिस के आतंकवाद निरोधक सेल यानि ATS को लगा दिया गया था. पुलिस की खास टीम STF लगी थी और सेना तक से संपर्क साध लिया गया था. इतना संगीन वीडियो वायरल होने के बावजूद अब तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. जाहिर है सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस किसके दबाव में है. क्या बिहार केसरी का तमगा बचा है विवेका पहलवान को क्या विवेका पहलवान को बिहार केसरी का तमगा बचा रहा है. विवेका पहलवान पर हत्या से लेकर दूसरे बेहद संगीन आरोपों के कई मुकदमे हैं. इसके बावजूद राज्य सरकार के मंत्री ने भरी सभा में विवेका पहलवान को बिहार केसरी का तमगा दिया. मंत्री नीरज कुमार ने भरी सभा में विवेका पहलवान की तारीफों के पुल बांधे. लोग पूछ रहे हैं कि क्या विवेका पहलवान को मंत्री से मिला तमगा कानून से बचा रहा है.