ऐसे ही चल रही है नीतीश सरकार: विधानसभा में सवालों का जवाब नहीं दे पा रही हैं मंत्री शीला मंडल, हर रोज दूसरे मंत्री को करना पड़ रहा है बीच-बचाव

ऐसे ही चल रही है नीतीश सरकार: विधानसभा में सवालों का जवाब नहीं दे पा रही हैं मंत्री शीला मंडल, हर रोज दूसरे मंत्री को करना पड़ रहा है बीच-बचाव

PATNA: बिहार की मौजूदा सरकार कैसे चल रही है, इसे जानना हो तो बिहार विधानसभा की कार्यवाही देख लीजिये. सरकार के एक अहम विभाग की मंत्री विधानसभा में उठने वाले सवालों का जवाब नहीं दे पा रही हैं. ऐसा तब हो रहा है जब कई दिन पहले मंत्री के पास सवाल पहुंच जाते हैं. उसके बाद सारी कोशिश करने के बावजूद मंत्री सदन में सही जवाब नहीं दे पा रही है. हाल ये है कि दूसरे मंत्री को बीच बचाव कर मामले को शांत करना पड़ रहा है।


बिहार की परिवहन मंत्री का हाल

बिहार सरकार में जेडीयू कोटे से परिवहन मंत्री हैं शीला कुमारी . पिछले दो दिनों में उनका दो वाकयों को जानिये. मंत्री किस तरह से विभाग चला रही हैं इसकी जानकारी आपको भी हो जायेगी. मंगलवार को विधानसभा में बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने सवाल पूछा कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने जो नियम बनाये हैं वह बिहार में क्यों नहीं लागू हो रहा है।


 2021 में ही केंद्र सरकार ने लर्निगं लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूवल समेत कई सुविधाओं को ऑन लाइन कर दिया है. इन सुविधाओं के लिए किसी को परिवहन कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है. वह ऑनलाइन आवेदन करेगा और उसका काम हो जायेगा. देश के कई राज्यों ने इसे लागू कर दिया है, बिहार में क्यों लोगों को परिवहन विभाग के कार्यालयों में जाकर अवैध पैसा देने को मजबूर किया जा रहा है।


जवाब देने उठी मंत्री शीला कुमारी ने दावा किया कि बिहार में इस सुविधा को लागू कर दिया गया है. विधायक ने पूछा कि अगर ये सुविधा लागू है तो फिर कितने लोगों को इसका लाभ दिया गया. मंत्री इसकी जानकारी दे दें. मंत्री शीला कुमारी के पास जवाब नहीं था. ऐसे में जवाब देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी उठे. विजय चौधरी ने मामले को संभालने के लिए सारे दांव पेंच का उपयोग किया. फिर भी विधायक संतुष्ट नहीं हुए. विधानसभा अध्यक्ष इस मसले पर सवाल जवाब को वहीं रोक कर अगले सवाल की ओर बढ़ गये. तब जाकर मामला शांत हुआ।


सोमवार को भी हुई थी मंत्री की फजीहत

इससे पहले परिवहन मंत्री शीला कुमारी  की फजीहत सोमवार को भी हुई थी. बीजेपी विधायक पवन जायसवाल ने ध्यानाकर्षण के जरिये ये मामला उठाया था कि बिहार में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौत में पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है. परिवहन विभाग ने पीडित परिवारों से आवेदन लेना तक बंद कर दिया है जबकि सड़क दुर्घटना में किसी की मौत होने पर पांच लाख रूपया मुआवजा देने का प्रावधान है।


बिहार में पिछले साल से अब तक साढ़े पांच हजार से ज्यादा लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो गयी है लेकिन उन्हें एक पैसे का मुआवजा नहीं मिला. बिहार सरकार की परिवहन मंत्री शीला कुमारी के पास इस सवाल का भी जवाब नहीं था. उसके बाद संसदीय कार्यमंत्री विजय चौधरी को ही सदन  में उठकर जवाब देना पडा. उन्होंने सवाल पूछ रहे विधायक को आश्वासन दिया कि सरकार सड़क दुर्घटना में मरने वाले लोगों के परिजनों की मदद करना चाहती है और इसमें अगर कोई परेशानी आ रही है तो उसे दूर किया जायेगा।


विधानसभा में लगातार दो दिनों की कार्रवाई ने बता दिया कि परिवहन जैसा अहम विभाग कैसी मंत्री के सहारे चल रहा है. बिहार के परिवहन कार्यालयों में वसूली का खेल आम है. जब मंत्री सारी तैयारी कर के आने के बाद भी सदन में सवाल का जवाब नहीं दे पाये तो फिर विभाग कैसे काम कर रहा होगा ये बताने की जरूरत नहीं है।