ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

Supreme Court: ममता सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ED अधिकारियों पर FIR को लेकर बड़ा आदेश; मुख्यमंत्री और TMC से मांगा जवाब

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने ED के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी है और सभी सबूत सुरक्षित रखने का आदेश दिया है.

​Supreme Court
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Supreme Court: 15 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी है। यह मामला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा I-PAC ऑफिस में ED की रेड के विरोध में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एजेंसी के काम में दखल नहीं दे सकती।


जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने CCTV फुटेज समेत सभी सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अदालत ने ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस और पुलिस को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी। कोर्ट ने ममता सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर हैं।


ED ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि 8 जनवरी 2026 को रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। पुलिस ने ED अफसरों के मोबाइल छीन लिए और ममता बनर्जी मीडिया के सामने गईं। ED ने कहा कि इस तरह उनकी जांच प्रभावित हुई और मनोबल गिरा।


सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि ममता बनर्जी आरोपी हैं और उन्होंने DGP की मिलीभगत से सबूतों की चोरी की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बंगाल में किसी FIR की जांच होती है, तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी, इसलिए मामले में CBI जांच की आवश्यकता है।


सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाईकोर्ट के रवैये पर नाराजगी जताई। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को यह मानना होगा कि हाईकोर्ट न्याय देने में असमर्थ है। इस पर बेंच ने सख्ती दिखाई और कहा, "आप मेरे मुंह में शब्द नहीं डाल सकते। हम फैसला करेंगे कि हमें क्या मानना है और क्या नहीं।"

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता