सीमा हैदर और सचिन के घर फिर गूंजी किलकारी, क्या बच्चे को मिलेगी भारतीय नागरिकता? जानिए कहां फंसा मामला?

सीमा हैदर और सचिन मीणा के घर जन्मे बच्चों की नागरिकता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय नागरिकता कानून के तहत ‘अवैध प्रवासी’ की शर्त के कारण बच्चों की नागरिकता पर कानूनी पेच फंसता नजर आ रहा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 03:18:41 PM IST

उत्तर प्रदेश न्यूज

सीमा ने छठे बच्चे को दिया जन्म - फ़ोटो सोशल मीडिया

DESK:पबजी खेलते-खेलते प्यार होने के बाद पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर एक बार फिर मां बन गई हैं। उन्होंने अपने पति सचिन मीणा के दूसरे बच्चे को जन्म दिया है। इससे पहले करीब 11 महीने पहले उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था। अब बेटे को जन्म दी है।


सीमा अपने पहले पति से चार बच्चों की मां हैं। वह वर्ष 2023 में पाकिस्तान के कराची से उन चारों बच्चों को लेकर भारत आई थीं। सीमा हैदर और सचिन के घर फिर किलकारी गूंजी है, सीमा ने छठे बच्चे को जन्म दिया। अब सचिन से जन्मे दूसरे बच्चे के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि इन बच्चों की नागरिकता क्या होगी। बता दें कि सचिन से सीमा ने एक बेटी और एक बेटे को जन्म दिया है। 


सीमा हैदर और उनके पहले पति से जन्मे चारों बच्चों की नागरिकता पाकिस्तानी है। सीमा ने अपने और बच्चों के लिए भारतीय नागरिकता की मांग करते हुए राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर की थी, जिस पर अभी तक निर्णय नहीं हुआ है। दूसरी ओर, सचिन से जन्मे बच्चों की नागरिकता भी कानूनी पेच में उलझी दिखाई दे रही है।


नागरिकता कानून क्या कहता है?

भारत में नागरिकता के नियम मुख्य रूप से Citizenship Act 1955 के तहत तय किए गए हैं। समय-समय पर इसमें संशोधन भी हुए हैं। जन्म के आधार पर नागरिकता पाने के लिए यह शर्त है कि बच्चे के जन्म के समय माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा “अवैध प्रवासी” न हो।


सचिन मीणा भारतीय नागरिक हैं, जिससे एक शर्त पूरी होती है। लेकिन सीमा हैदर भारत में नेपाल के रास्ते बिना वैध वीजा के प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार हुई थीं और फिलहाल जमानत पर हैं। बच्चों के जन्म तक उन्हें भारतीय नागरिकता प्राप्त नहीं हुई थी। इसी वजह से उनके बच्चों की नागरिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।


सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रुद्र विक्रम सिंह का कहना है कि बच्चों को नागरिकता तभी मिल सकती है, जब यह साबित हो जाए कि सीमा वैध तरीके से भारत आई थीं। कानून की धारा 3 के अनुसार, यदि माता या पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध रूप से भारत में न रह रहा हो, तभी जन्म से नागरिकता मिलती है। उनका कहना है कि यदि सीमा वीजा लेकर भारत आई होतीं या बच्चों के जन्म से पहले उन्हें भारतीय नागरिकता मिल गई होती, तो स्थिति अलग हो सकती थी।


वहीं, सीमा हैदर के मुंहबोले भाई और वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह का दावा है कि सीमा और सचिन के दोनों बच्चे भारतीय हैं और उनके जन्म प्रमाण पत्र भी जारी हो चुके हैं। उनका तर्क है कि सचिन भारतीय नागरिक हैं और सीमा उनकी पत्नी हैं, इसलिए बच्चों को भारतीय नागरिक माना जाना चाहिए। हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि किसी विदेशी नागरिक को केवल भारतीय नागरिक से विवाह करने भर से स्वतः भारतीय नागरिकता नहीं मिलती। यही कारण है कि यह मामला अब भी कानूनी व्याख्या और सरकारी निर्णय पर निर्भर है।