Bihar News: वाकई में बड़ी जालिम है शराब..! उपेन्द्र कुशवाहा की ‘पाठशाला’ के दो सियासी सहपाठी में भारी भिड़ंत, पहले वाले ने दूसरे के बारे पूछा- कौन है वो..हम नहीं जानते ?

बिहार विधानसभा में शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को लेकर सियासत गरमा गई है। उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला से निकले दो नेता—माधव आनंद और अभिषेक झा—आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर समीक्षा की मांग, तो दूसरी ओर जेडीयू का पलटवार, जिससे एनडीए खेमे मे

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Wed, 18 Feb 2026 03:06:27 PM IST

Bihar News, Upendra Kushwaha, Madhav Anand, Abhishek Jha, Bihar Prohibition Law, Nitish Kumar, JDU, Rashtriya Lok Morcha, Bihar Assembly 2025, शराबबंदी समीक्षा विवाद, NDA Bihar

- फ़ोटो self

Bihar News: वाकई में बड़ी जालिम है शराब। तभी तो एक ही पाठशाला से निकले लोग सियासी सहपाठी के बारे में पूछने लगते हैं वो कौन है...? दरअसल, उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला की उपज दो नेता शराबबंदी पर भिड़ गए हैं. दोनों की पाठशाला उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी रही है, जहां से पढ़ कर- सीख कर निकले हैं. एक तो सदन पहुंच गए, दूसरे सदन जाने को संघर्षरत्त हैं. उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला में वैसे तो अनगिनत लोगों ने नामांकन कराया. लेकिन आज दो की चर्चा करेंगे. एक वहां से निकलकर जेडीयू में शामिल हो गए, दूसरे अभी भी उपेन्द्र कुशवाहा के साथ हैं. इस बार वे विधानसभा का चुनाव जीत कर सदन में भी पहुंच गए हैं.

कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला के छात्र रहे हैं अभिषेक और माधव 

बात हो रही है उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला के छात्र रहे अभिषेक झा और माधव आनंद की. दोनों की राजनीतिक कैरियर उपेन्द्र कुशवाहा और इनकी पार्टी  के साथ शुरू हुई।  कुशवाहा की पाठशाला से सीखकर अभिषेक झा निकल गए और नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल हो गए। जेडीयू में ये प्रवक्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे. पार्टी ने इन्हें बिहार विधान परिषद की तिरहुत सीट से प्रत्याशी भी बनाया था, लेकिन इन्हें हार का सामना करना पड़ा. उधऱ, उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला के छात्र माधव आनंद लंबे समय से सदन जाने को बेताब थे. कभी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटे, तो कभी विधान परिषद-सभा की. बिहार विधानसभा चुनाव-2025 में माधन आनंद का सपना साकार हो गया. उपेन्द्र कुशवाहा ने इन्हें पार्टी का सिंबल दिया और एनडीए की लहर में जीत कर सदन भी पहुंच गए। 

शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग पर विवाद बढ़ा 

17 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा में बजट पर चर्चा हो रही थी. इस दौरान उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग कर दी. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने ही फैसलों की समीक्षा करते रहे हैं. इसलिए वे मांग करते हैं कि शराबंबदी कानून की भी समीक्षा की जाए. माधव आनंद ने कहा कि वे बड़ी विनम्रता ये मांग कर रहे हैं कि शराबबंदी से क्या फायदा-नुकसान हुआ. समाज पर इसका कितना असर पड़ा. कितनी जागरूकता फैली इसकी समीक्षा होनी चाहिये. इसके बाद विवाद बढ़ गया. जेडीयू ने इस तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.

अभिषेक झा ने माधव आनंद को दी थी सलाह- दिल्ली में शराबबंदी नहीं है... 

नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यू) ने सहयोगी दल के विधायक माधव आनंद को जवाब देने के लिए उपेन्द्र कुशवाहा की राजनीतिक पाठशाला से निकले पार्टी प्रवक्ता अभिषेक झा को उतारा. अभिषेक झा ने रालोमो विधायक माधव आनंद का नाम लिए बिना बड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि शराबबंदी की समीक्षा की आड़ में कोई बिहार में शराब चालू कराना चाहते हैं तो ये किसी हालत में नहीं होने वाला है. नीतीश कुमार की शराबबंदी आगे भी लागू रहेगी. जो लोग बयान दे रहे हैं, वे लगातार दिल्ली आते-जाते रहते हैं. बिहार में शराबबंदी है लेकिन दिल्ली में शराब चालू है. जेडीयू के इस बयान का मकसद साफ था. पार्टी ने अपने ही गठबंधन के विधायक को इशारों में कहा कि अगर शराब का शौक है तो दिल्ली में जाकर पूरा कर लें. बिहार में तो ये शौक पूरा होने से रहा.

कौन है अभिषेक झा...हम नहीं जानते हैं 

कुशवाहा की पाठशाला से निकले जेडीयू प्रवक्ता अभिषेक झा की इस प्रतिक्रिया से राजनीतिक सहपाठी रहे माधव आनंद तिलमिला गए। आज बुधवार को उपेन्द्र कुशवाहा के विधायक ने नीतीश कुमार की पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक झा पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने तो अभिषेक झा को पहचानने से ही इंकार कर दिया. माधव आनंद ने कहा कि ''कौन है अभिषेक झा..? हम नहीं जानते हैं..सदन के हिस्सा हैं..? हम नहीं जानते हैं कौन क्या कहता है,दिल्ली हम क्यों जाते हैं..मेरा घर है व्यापार है.इसलिए दिल्ली जाते हैं.