Bihar Power Grid Upgrade: बिहार में अब नहीं कटेगी बिजली! नई तकनीक से हो रहा मेंटेनेंस, काम के दौरान भी जारी रहेगी सप्लाई

बिहार में अब ग्रिड या ट्रांसमिशन लाइन की मरम्मत के दौरान बिजली काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य में एडवांस्ड हॉटलाइन मेंटेनेंस तकनीक की शुरुआत की गई है, जिससे बिजली चालू रहते हुए ही काम किया जा सकेगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 04:14:37 PM IST

Bihar Power Grid Upgrade: बिहार में अब नहीं कटेगी बिजली! नई तकनीक से हो रहा मेंटेनेंस, काम के दौरान भी जारी रहेगी सप्लाई

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Bihar Power Grid Upgrade: बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब ग्रिड या ट्रांसमिशन लाइन की मरम्मत के दौरान बिजली काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य में एडवांस्ड हॉटलाइन मेंटेनेंस तकनीक की शुरुआत की गई है, जिससे बिजली चालू रहते हुए ही काम किया जा सकेगा। इससे लोगों को खासकर गर्मी के मौसम में बड़ी राहत मिलेगी, जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है।


बिहार की बिजली व्यवस्था को मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। पहले छोटी सी खराबी को ठीक करने के लिए भी कई घंटों का शटडाउन लेना पड़ता था। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी इलाके के ग्रिड में इंसुलेटर खराब हो जाता था, तो पूरे फीडर की बिजली बंद करनी पड़ती थी। इससे घरों, दुकानों, अस्पतालों और स्कूलों में परेशानी होती थी। अब नई तकनीक की मदद से वही काम बिना सप्लाई रोके किया जा सकेगा।


इस पहल की शुरुआत पटना पश्चिम सर्किल के बिहटा और दीघा ग्रिड सबस्टेशन से की गई है। धीरे-धीरे इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। Bihar State Power Transmission Company Limited ने इस नई व्यवस्था की जानकारी साझा की है। वहीं Bihar State Power Holding Company Limited ने इसे बिजली सेवा में बड़ा सुधार बताया है।


क्या है एडवांस्ड हॉटलाइन मेंटेनेंस?

इसे ‘लाइव लाइन वर्क’ भी कहा जाता है। इसका मतलब है कि बिजली प्रवाह जारी रहते हुए ही मरम्मत और रखरखाव का काम किया जाता है। इसमें खास तरह के सुरक्षित औजार और उपकरण इस्तेमाल होते हैं, ताकि लाइनमैन को किसी तरह का खतरा न हो।


कैसे काम करती है यह तकनीक?

  1. फाइबर की इंसुलेटेड छड़ों से सुरक्षित दूरी बनाकर काम किया जाता है।
  2. कर्मचारी विशेष सुरक्षा सूट पहनकर तार के बराबर वोल्टेज पर काम करते हैं।
  3. इंसुलेटेड क्रेन और हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद ली जाती है।
  4. थर्मल कैमरे से तारों में अधिक गर्मी की पहचान की जाती है, ताकि पहले से खराबी पकड़ी जा सके।


मान लीजिए किसी शहर में ट्रांसमिशन लाइन में हल्की तकनीकी गड़बड़ी आ गई। पहले उस इलाके की बिजली घंटों बंद करनी पड़ती थी। अब उसी लाइन पर काम करते समय आसपास के घरों और दुकानों में बिजली चलती रहेगी।


उपभोक्ताओं को क्या फायदा?

  1. लंबे शटडाउन से राहत
  2. बिजली गुल होने की समस्या में कमी
  3. गर्मी में एसी, पंखे और कूलर बिना रुकावट चलेंगे
  4. अस्पताल, फैक्ट्री और दफ्तरों को निर्बाध सप्लाई


ऊर्जा विभाग का मानना है कि इस तकनीक से बिजली सेवा और ज्यादा भरोसेमंद बनेगी। खासकर शहरों के साथ-साथ गांवों में भी लगातार बिजली देने का लक्ष्य पूरा करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में पूरे बिहार में इस तकनीक को लागू करने की योजना है, ताकि उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बेहतर बिजली सेवा मिल सके।