NHAI Vehicle Speed: राष्ट्रीय राजमार्गों पर फिक्स हुआ वाहनों का स्पीड, अब पुलिस करेगी सख्त निगरानी; जानें पूरी डिटेल्स

NHAI Vehicle Speed: राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरे के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, सभी वाहनों की गति...।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 19 Dec 2025 09:02:49 AM IST

NHAI Vehicle Speed

राष्ट्रीय राजमार्गों - फ़ोटो GOOGLE

NHAI Vehicle Speed: राष्ट्रीय राजमार्गों पर कोहरे के मौसम में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, सभी वाहनों की गति 30 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही, पुलिस और राजमार्ग संचालनकर्ता को टीम बनाकर अलग-अलग समय गश्त करने की भी हिदायत दी गई है। टोल पर गुजरने वाले वाहन चालकों को टोल बूथ पर मोबाइल नंबर और निर्देशिका पुस्तिका उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि चालक बता सके कि किस स्थान पर कोहरा ज्यादा या कम है। इससे पीछे चल रहे वाहन चालक सतर्क रह सकेंगे।


एनएचएआइ ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन आदेशों का पालन 27 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य है। इसका पालन न करने पर प्राधिकरण राजमार्ग संचालनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। यह निर्देश विशेष रूप से लखनऊ से कानपुर, सीतापुर, रायबरेली, अयोध्या, हरदोई, सुलतानपुर और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर लागू होंगे। इन मार्गों पर इंडियन रोड कांग्रेस की गाइडलाइनों के अनुसार पूरी सुरक्षा व्यवस्था करना अनिवार्य है।


दुर्घटना की स्थिति में यातायात नियंत्रित करने के लिए पुलिस और राजमार्ग संचालनकर्ता लाल/हरे रंग की चमकती छड़ी का उपयोग करेंगे और रात्रिकालीन राजमार्ग निरीक्षण साप्ताहिक रूप से किया जाएगा। इसके अलावा, रिफ्लेक्टर, क्रॉसिंग, रैम्प और डिवाइडर शुरू होने से पहले रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।


एनएचएआइ के महाप्रबंधक (समन्वयक) संजय कुमार पटेल ने कहा कि सड़क किनारे बैरियर और ब्लैक स्पॉट पर रिफ्लेक्टर लगाए जाएंगे ताकि वाहन चालक दूर से ही उन्हें देख सकें। शहरी क्षेत्रों में दो मीटर की दूरी पर, और ग्रामीण क्षेत्रों में पांच मीटर की दूरी पर मीडियन और आरसीसी बैरियर पर मीडियन मार्कर लगाए जाएंगे।


सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए और उपाय भी निर्देशित किए गए हैं, जिसमें रोशनी की व्यवस्था को कोहरे और रात में समय से पहले चालू किया जाए। डिवाइडर शुरू होने पर 25 मीटर ऊंची हाईमास्ट लाइट लगाई जाए। छोटे पुल, आरओबी और प्रवेश/निकास रैंप पर सोलर स्टड लगाए जाएं, और स्लिप रोड पर दोनों तरफ पांच सौर ऊर्जा चालित सड़क सुरक्षा चेतावनी लाइट। निर्माण क्षेत्रों और डायवर्जन पर सुरक्षा उपाय किए जाएं, जैसे पक्के डायवर्जन फुटपाथ चिन्ह, रोड स्टड, बैरिकेडिंग, डायवर्जन संकेत और सोलर ब्लिंकर। राजमार्ग पर चलने वाले वाहनों की पूरी चौड़ाई पर रीफ्लेक्टर टेप लगाई जाए, जिसमें आगे सफेद और पीछे लाल रंग हो। इन निर्देशों का उद्देश्य कोहरे के मौसम में दुर्घटनाओं को रोकना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और यात्रियों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।