Bihar News: आर्थिक सर्वेक्षण में बिहार के 38 जिलों की रैंकिंग जारी, जानिए.. कौन है सबसे अमीर और कौन सबसे गरीब जिला?

Bihar News: बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार पटना राज्य का सबसे समृद्ध जिला है, जबकि शिवहर सबसे गरीब जिला बना हुआ है। सर्वे में सभी 38 जिलों की प्रति व्यक्ति आय और खपत के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 02 Feb 2026 05:55:17 PM IST

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Bihar News: आर्थिक सर्वेक्षण में बिहार के सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी कर दी गई है। जारी की गई रैंकिंग के मुताबिक, बिहार का सबसे समृद्ध जिला पटना है, जबकि शिवहर राज्य का सबसे गरीब जिला है। यह खुलासा विधानसभा में सरकार की तरफ से पेश किए गए बिहार आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार, प्रति व्यक्ति आय के मामले में पटना पहले स्थान पर है, जबकि बेगूसराय दूसरे और मुंगेर तीसरे स्थान पर हैं।


आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय 76,490 रुपये है। वहीं पटना की प्रति व्यक्ति आय 1,31,332 रुपये दर्ज की गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है। इसके बाद बेगूसराय में प्रति व्यक्ति आय 61,566 रुपये और मुंगेर में 54,469 रुपये पाई गई है।


सर्वेक्षण में राज्य के सभी 38 जिलों की प्रति व्यक्ति आय के आधार पर रैंकिंग जारी की गई है। इसमें बिहार के तीन सबसे गरीब जिलों में शिवहर (18,980 रुपये) पहले स्थान पर है, जबकि अररिया (19,795 रुपये) दूसरे और सीतामढ़ी (21,448 रुपये) तीसरे स्थान पर हैं।


आर्थिक सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि पटना की प्रति व्यक्ति आय, बिहार के सबसे गरीब जिले शिवहर की तुलना में लगभग छह गुना अधिक है। जिलों की आर्थिक स्थिति का आकलन पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की खपत के साथ-साथ प्रति व्यक्ति लघु बचत के आधार पर किया गया है।


पेट्रोल की खपत के मामले में पटना पहले, मुजफ्फरपुर दूसरे और पूर्णिया तीसरे स्थान पर हैं। वहीं डीजल की खपत में पटना, शेखपुरा और औरंगाबाद शीर्ष पर हैं। सबसे कम पेट्रोल की खपत वाले जिलों में लखीसराय, बांका और शिवहर शामिल हैं, जबकि डीजल की सबसे कम खपत शिवहर, सीवान और कैमूर में दर्ज की गई है।


एलपीजी की खपत के मामले में पटना, बेगूसराय और गोपालगंज सबसे आगे हैं, जबकि अररिया, बांका और मधेपुरा में एलपीजी की खपत सबसे कम पाई गई है। आर्थिक सर्वेक्षण के ये आंकड़े बिहार के भीतर विकास की गहरी असमानताओं को स्पष्ट रूप से उजागर करते हैं।