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Bihar Politics: चोट जब दिल पर लगती है तो दर्द बेइंतेहा होता है.., क्यों इमोशनल हुईं रोहिणी आचार्य?

Bihar Politics: तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने दिल पर लगी चोट का इशारा करते हुए एक पोस्ट साझा की। पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन इसे पारिवारिक और राजद के आंतरिक विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 02, 2026, 3:50:58 PM

Bihar Politics

- फ़ोटो Google

Bihar Politics: सोमवार से बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की शुरुआत हुई। सत्र के पहले दिन आरजेडी नेता तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर पहुंचे, जिससे सभी हैरान रह गए। बताया गया कि उनके पैर के अंगूठे में चोट लगी है, इसलिए चलने में दिक्कत होने पर उन्होंने व्हीलचेयर का सहारा लिया।


इस तस्वीर के सामने आने के बाद तेजस्वी यादव की बहन रोहिणी आचार्य ने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा की। हालांकि पोस्ट में उन्होंने कहीं भी नाम नहीं लिया, लेकिन निशाना साफ तौर पर पारिवारिक और पार्टी के आंतरिक मामलों की तरफ है। पोस्ट में उन्होंने लिखा, “जिस्मानी जख्म से भी दर्द होता है, मगर चोट जब दिल पर लगती है दर्द बेइंतहा होता है…”


बता दें कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद रोहिणी आचार्य ने परिवार से दूरी बना ली थी। चुनाव में आरजेडी केवल 25 सीट पर सिमट गई और कांग्रेस को छह सीटें मिलीं, जिससे महागठबंधन की उम्मीदों पर बड़ा धक्का लगा था। कुछ दिन पहले जब तेजस्वी यादव को आरजेडी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था तब भी रोहिणी ने तीखा तंज किया था।


रोहिणी ने एक्स पर लिखा था कि "लालू जी और पार्टी के लिए किसने क्या किया" ये तो लोकसभा , हालिया संपन्न विधानसभा के चुनावी नतीजों और पार्टी की वर्त्तमान स्थिति से ही साफ़ है , जिसे जिम्मेदारी सौंपी गयी उसने, उसके आयातित गुरु और उस गुरु के गुर्गों ने तो लालू जी व् पार्टी के प्रति समर्पित हरेक लालूवादी के दशकों के संघर्ष एवं प्रयासों को धो - पोछ कर पार्टी को बर्बादी की कगार पर ला कर खड़ा कर दिया .. सवाल पहले भी उठे थे , आज भी सवाल उठ रहे हैं , आगे भी उठेंगे , अगर नैतिक साहस है तो खुले मंच पर सवालों का सामना करने की हिम्मत जुटानी चाहिए , ज्ञान कौन दे रहा और ज्ञान देने की बात कर सच्चाई से मुँह कौन चुरा रहा , ये साफ़ हो जाएगा ..


आज पार्टी के हरेक सच्चे कार्यकर्ता, समर्थक और हितैषी का सवाल है " जिन चंद घटिया लोगों को, लालू जी को नजरअंदाज कर , एक तरीके से सर्वेसर्वा बना दिया गया , उन लोगों ने पार्टी के लिए क्या किया ? और समीक्षा के नाम किए गए दिखावे पर क्या कार्रवाई की गयी ? समीक्षा रिपोर्ट अब तक क्यूँ नहीं सार्वजनिक की गयी और समीक्षा रिपोर्ट में जिन लोगों पर सवाल उठे उन पर अब तक कोई कार्रवाई क्यूँ नहीं की गयी ?"