1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 16 Jan 2026 11:01:07 AM IST
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Cashless Toll System : देश की सड़कों पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है। 1 अप्रैल से देशभर के सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद टोल टैक्स केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही चुकाया जा सकेगा।
इस फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल इकॉनमी की ओर बढ़ रहा है और टोल कलेक्शन सिस्टम को भी इसी दिशा में आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले FASTag के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन शुरू किया गया था और बाद में UPI भुगतान की सुविधा भी दी गई, जिसे लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला। अब सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया है।
कैश लेन होंगी पूरी तरह बंद
1 अप्रैल के बाद देश के किसी भी टोल प्लाजा पर कैश लेन उपलब्ध नहीं होंगी। इससे मैन्युअल टोल वसूली के कारण लगने वाली लंबी कतारों से यात्रियों को राहत मिलेगी। सरकार का मानना है कि कैशलेस टोलिंग से न सिर्फ सिस्टम तेज होगा, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी।
अब तक कई ऐसे वाहन चालक थे, जिनके पास FASTag होने के बावजूद वे कैश लेन का इस्तेमाल करते थे। इससे खासकर त्योहारों, छुट्टियों और पीक आवर्स के दौरान टोल प्लाजा पर भारी जाम की स्थिति बन जाती थी। कैश भुगतान बंद होने से इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा।
समय, फ्यूल और पैसे की होगी बचत
केंद्रीय सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक टोल प्लाजा पर बार-बार रुकने और फिर गाड़ी स्टार्ट करने से ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इससे न सिर्फ ड्राइवरों को थकान होती है, बल्कि डीजल और पेट्रोल की भी बर्बादी होती है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता है। कैशलेस टोलिंग से वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे, जिससे समय और फ्यूल दोनों की बचत होगी।
MLFF सिस्टम की तैयारी
सरकार का यह फैसला भविष्य की एक बड़ी योजना की नींव भी माना जा रहा है। जल्द ही देश में मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस सिस्टम के तहत टोल प्लाजा पर किसी तरह का बैरियर नहीं होगा और वाहन बिना रुके हाईवे से गुजर सकेंगे। टोल शुल्क अपने आप FASTag और व्हीकल आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए कट जाएगा।
सरकार ने MLFF सिस्टम के पायलट प्रोजेक्ट के लिए देशभर के 25 टोल प्लाजाओं को चिन्हित किया है। यहां इस तकनीक को लागू कर यात्रियों के अनुभव, नियमों और तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी। सफल परीक्षण के बाद इसे पूरे देश में लागू करने की योजना है।
जाम और प्रदूषण में आएगी कमी
सरकार का दावा है कि बैरियर-फ्री टोलिंग से हाईवे पर जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। इससे ट्रैवेल टाइम घटेगा और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी। लगातार रुकने और चलने से निकलने वाला धुआं कम होगा, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
यात्रियों से सरकार की अपील
सरकार ने यात्रियों से अपील की है कि वे 1 अप्रैल से पहले अपना FASTag एक्टिव रखें, उसमें पर्याप्त बैलेंस सुनिश्चित करें या UPI भुगतान के लिए पूरी तरह तैयार रहें। यह बदलाव देश की सड़क यात्रा को आधुनिक, तेज और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कैशलेस टोलिंग और MLFF सिस्टम के लागू होने के बाद आने वाले समय में हाईवे पर सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान, सुरक्षित और तनावमुक्त हो जाएगा।