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विधायक बनते ही पत्नी ने तोड़ा रिश्ता, दिव्यांग पति ने कोर्ट में लगाई गुहार, मांगा गुजारा भत्ता

पति सेवक राम का कहना है कि विधायक बनने में उन्होंने पत्नी का हर मोड़ पर साथ दिया, लेकिन अब सोना बाई रिश्ता तोड़कर अलग रहने लगी हैं। पति ने कोर्ट में गुजारा भत्ता की मांग की है।

MP
न्याय की लगाई गुहार
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Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MP: राजनीति की ऊंचाइयों पर पहुंचते ही रिश्ते कैसे दरक जाते हैं, इसकी एक भावुक और चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के दमोह जिले से सामने आया है। पथरिया विधानसभा सीट से पूर्व भाजपा विधायक सोना बाई अहिरवाल पर उनके दिव्यांग पति सेवक राम अहिरवाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सेवक राम का कहना है कि उन्होंने पत्नी को विधायक बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन अब वही पत्नी उनसे रिश्ता तोड़ चुकी हैं। उन्होंने हर महीने 25,000 रुपये गुजारा भत्ता दिये जाने की मांग करते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।


राजनीतिक सफर में साथ, लेकिन निजी जीवन में दूरियां

दिव्यांग सेवक राम ने बताया कि जब सोना बाई ने राजनीति में कदम रखने की इच्छा जताई थी, तो उन्होंने अपना सबकुछ दांव पर लगाकर सपोर्ट किया। दिल्ली से लेकर भोपाल तक उन्होंने बड़े नेताओं से मिलने में सहयोग किया। संपर्क सूत्र बनाए और पथरिया विधानसभा से टिकट दिलाने में मदद की।


2003 में भाजपा ने सोना बाई को पथरिया से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीतकर 2008 तक विधायक के रूप में कार्य किया। लेकिन सेवक राम का आरोप है कि जैसे ही सोना बाई विधायक बनीं, उनका व्यवहार बदलने लगा। उन्होंने पति से दूरी बनानी शुरू कर दी और राजनीतिक रसूख के साथ खुद को अलग कर लिया।


रिश्तों की दरार और आर्थिक तंगी की मार

सेवक राम के अनुसार, 2008 में पथरिया सीट आरक्षित श्रेणी से अनारक्षित हो गई, जिससे सोना बाई को दोबारा टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद वह राजनीति में सक्रिय रहीं। 2009 में उन्होंने बिना तलाक लिए पति का साथ छोड़ दिया और सागर में एक नया घर बनाकर रहने लगीं। तब से अब तक वह सेवक राम से किसी तरह का संबंध नहीं रख रही हैं। दिव्यांगता के कारण सेवक राम किसी कामकाज में सक्षम नहीं हैं और आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोना बाई के पास कई संपत्तियाँ, गाड़ियाँ और पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली पेंशन है, लेकिन उन्होंने कभी अपने पति की सुध नहीं ली।


कोर्ट में लगाई गुहार

अपने वकील नितिन मिश्रा के माध्यम से सेवक राम ने कुटुंब न्यायालय में याचिका दायर कर कहा है कि उन्हें हर महीने ₹25,000 की आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली है और जल्द ही सोना बाई को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा। इस पूरे मामले पर फिलहाल सोना बाई की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। वह मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं।


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