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पत्नी की मौत का सदमा नहीं बर्दाश्त कर सका पति, 12 घंटे के भीतर तोड़ा दम, एक साथ उठी दोनों की अर्थी

76 वर्षीय पति ने पत्नी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया और 12 घंटे बाद उन्होंने भी प्राण त्याग दिए। दोनों की अर्थी एक साथ उठी और अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ, जिसे देखकर गांववालों की आंखों में आंसू आ गए।

UP
गांव में पसरा मातम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। यहां जिंदगी भर साथ निभाने वाले पति-पत्नी ने मरते समय भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा। पत्नी की मौत के 12 घंटे बाद पति ने भी प्राण त्याग दिए। दोनों की अर्थी जब एक साथ उठी, तो पूरा गांव गमगीन हो गया और लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े।


मामला गरौठा थाना क्षेत्र के इन्द्रानगर का है, जहां 76 वर्षीय रामरतन गुप्ता अपनी 70 वर्षीय पत्नी रामदेवी गुप्ता के साथ रहते थे। वे मूल रूप से हमीरपुर जिले के परासन गांव के रहने वाले थे, लेकिन शादी के बाद गरौठा में बस गए थे। उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी के 50 साल प्यार और अपनत्व में बिताए। उनके तीन बेटे अरविंद, धर्मेंद्र और उपेंद्र गुप्ता हैं।


बताया जाता है कि 4 अक्टूबर की सुबह रामदेवी की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। पत्नी का शव देखकर रामरतन सदमे में चले गए। अंतिम संस्कार से पहले ही, रात 9 बजे उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।


अगले दिन दोनों की अर्थी एक साथ उठी और विधि-विधान से संयुक्त अंतिम संस्कार किया गया। यह दृश्य देखकर परिजन ही नहीं, पूरा गांव भावुक हो गया। इलाके में रहने वाले बल्लन गुप्ता ने बताया कि रामरतन भगवान भोलेनाथ के भक्त थे। सुबह 9 बजे पत्नी का निधन हुआ और रात 9 बजे पति ने भी प्राण त्याग दिए। जैसे दोनों ने जीवन की तरह मृत्यु में भी साथ निभाया। साथ जीने और साथ मरने का वादा रामरतन ने निभाया। इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। गांव के लोगों और परिजनों ने नम आंखों से विदाई दी। 

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