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क्या यही शराबबंदी है? ऑटो बना शराब तस्करी का जरिया, सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

सहरसा में सदर थाना पुलिस और डीआईयू टीम ने ऑटो से तस्करी कर लाई जा रही 85 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की है। कई सप्लायर गिरफ्तार हुए हैं और शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

बिहार न्यूज
ऑटो से 85 लीटर शराब जब्त
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SAHARSA: सहरसा में सदर थाना पुलिस और डीआईयू की संयुक्त टीम ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑटो से लाई जा रही करीब 85 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की है। मामले में कई सप्लायर गिरफ्तार किए गए हैं, जिनसे पूछताछ में तस्करी नेटवर्क से जुड़े अहम खुलासे हुए हैं।


सहरसा जिले में नशा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर थाना पुलिस और डीआईयू (जिला आसूचना इकाई) की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर ऑटो से तस्करी कर लाई जा रही करीब 85 लीटर ब्रांडेड शराब बरामद की है। यह कार्रवाई शहर के बनवारी शंकर कॉलेज, सिमराहा के समीप की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बंगाल से शराब की एक बड़ी खेप सहरसा लाई जा रही है। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर ऑटो की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में ब्रांडेड शराब बरामद हुई।


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से कई शराब सप्लायरों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार तस्करों ने संतनगर निवासी दिलखुश को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया है। आरोप है कि वह पश्चिम बंगाल से युवकों के माध्यम से शराब मंगवाकर सहरसा और आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करता था।


पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और संगठित तरीके से शराब की तस्करी की जा रही थी। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। कोसी क्षेत्र में चलाए जा रहे डीआईजी के विशेष "कोसी नशा मुक्ति अभियान" के तहत हुई इस कार्रवाई से शराब तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता