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अहमदाबाद ब्लास्ट के फांसी वाले आतंकियों का सरगना बिहार में: गया जेल में बंद है मास्टरमाइंड तौसीफ, वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनी सजा

GAYA: 2008 में हुए अहमदाबाद बम ब्लास्ट मामले में आज कोर्ट ने सजा सुनायी. कोर्ट ने ब्लास्ट को अंजाम देने वाले 38 आतंकियों को फांसी की सजा सुनाई है. जिन आतंकियों को फांसी की सजा सुना

अहमदाबाद ब्लास्ट के फांसी वाले आतंकियों का सरगना बिहार में: गया जेल में बंद है मास्टरमाइंड तौसीफ, वीडियो कांफ्रेंसिंग से सुनी सजा
Mukesh Srivastava
4 मिनट

GAYA: 2008 में हुए अहमदाबाद बम ब्लास्ट मामले में आज कोर्ट ने सजा सुनायी. कोर्ट ने ब्लास्ट को अंजाम देने वाले 38 आतंकियों को फांसी की सजा सुनाई है. जिन आतंकियों को फांसी की सजा सुनायी गयी है, उनका सरगना बिहार के गया सेंट्रल जेल में बंद है. आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वह कोर्ट से जुड़ा था. कोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही उसे फांसी की सजा सुनायी. 


गया केंद्रीय कारा के अधीक्षक विजय कुमार अरोड़ा ने बताया कि आतंकी तौसीफ पठान उनकी जेल में बंद है. जेल प्रशासन के मुताबिक फांसी की सजा सुनाये जाने के बाद उसकी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है. जेल प्रशासन उस पर खास तौर पर नजर रख रहा है. जेल सूत्रों के मुताबिक जब तौसीफ को फांसी की सजा सुनायी जा रही थी तो उसका चेहरा उड़ा हुआ था. कोर्ट के फैसले के बाद वह कुछ बुदबुदा रहा था. लेकिन आवाज इतनी धीमी थी कि आस पास खड़े लोग सुन नहीं पाये कि वह क्या कह रहा है.


ब्लास्ट के बाद गया में छिप गया था

2008 में अहमदाबाद ब्लास्ट को अंजाम देने के बाद तौसीफ पठान गया में आकर छिप गया था. वह गया में अपना नाम पता बदल कर रहता था औऱ वहीं से आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहा था. तौसीफ पठान प्रतिबंधित संगठन SIMI (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया)का नेटवर्क तैयार कर रहा था. उसने कई युवकों को इस संगठन से जोड़ कर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार किया था. वह अपना नेटवर्क तैयार करने के लिए एक साइबर कैफे में जाता था. गया शहर के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र के राजेंद्र आश्रम मोहल्ला में कैफे संचालक अनुराग बसु को उस पर शक हुआ तो उन्होंने तौसीफ की हरकतों पर नजर रखा. उसके आतंकी कनेक्शन की भनक मिलते ही साइबर कैफे संचालक ने सिविल लाइन्स थाना पुलिस को इसकी जानकारी दी औऱ तब पुलिस ने तौसीफ को गिरफ्तार किया था.


2017 से गया में बंद है

गया जेल प्रशासन के मुताबिक तौसीफ को गया जेल में 15 सितंबर 2017 को लाया गया था. कुछ दिनों बाद अहमदाबाद से पुलिस की टीम वहां पहुंची थी. उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट में पूछताछ और कोर्ट में पेशी के लिए 27 नवंबर 2017 को ले जाया गया था. ब्लास्ट केस से संबंधित सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तौसीफ को फिर से 09 मार्च 2020 को गया केंद्रीय कारा वापस लाया गया था. तब से आतंकी गया जेल में ही बंद है. 


तौसीफ को जब गया में गिरफ्तार किया गया था तो वहां भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. हालांकि गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ करने देश भर के कई राज्यों की पुलिस पहुंची थी. तौसीफ के खिलाफ जालसाजी से लेकर देशद्रोह का मामला चल रहा है. गया कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरती कुमारी सिंह की अदालत में उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है. उसके खिलाफ केस में मीना देवी उच्च विद्यालय के सहायक अरूण कुमार सिंह समेत दूसरे लोगों की गवाही हो चुकी है.