Gopalganj Migrant Workers News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गोपालगंज के करीब 10 प्रवासी मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराने का मामला सामने आया है. मजदूरों का आरोप है कि उन्हें रोजाना करीब 12 घंटे काम कराया जा रहा है और काम की जगह से बाहर निकलने या वापस घर लौटने की अनुमति नहीं दी जा रही है. मजदूरों ने वीडियो जारी कर बिहार सरकार से मदद और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई है.
मामला सामने आने के बाद बिहार भवन, नई दिल्ली के संयुक्त श्रम आयुक्त कुमार दिग्विजय ने रतलाम के जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मजदूरों की स्थिति की तत्काल जानकारी लेने और जरूरत पड़ने पर उनका रेस्क्यू कर सुरक्षित बिहार वापस भेजने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.
जानकारी के अनुसार, गोपालगंज जिले के दिघवा दुबौली और बैकुंठपुर इलाके के रहने वाले इन मजदूरों को रतलाम में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने के लिए ले जाया गया था. आरोप है कि गोपालगंज के डोमहाता गांव निवासी धर्मेंद्र यादव नामक व्यक्ति रोजगार दिलाने के नाम पर मजदूरों को मध्य प्रदेश लेकर गया था.
मजदूरों ने वीडियो जारी कर मांगी मदद
मजदूरों की ओर से एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति बताते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई है. मजदूरों का आरोप है कि उन्हें वहां से बाहर जाने और अपने घर लौटने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है.
शिकायत के मुताबिक, मजदूरों से रोजाना करीब 12 घंटे काम कराया जा रहा है. इसके साथ ही पर्याप्त भोजन, पीने का पानी और दूसरी जरूरी सुविधाएं नहीं मिलने का भी आरोप लगाया गया है.
एक लाख रुपये वापस करने की शर्त का आरोप
मजदूरों ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्हें वहां से तभी जाने देने की बात कही जा रही है, जब कथित तौर पर बिचौलिए को दी गई करीब एक लाख रुपये की राशि वापस कर दी जाएगी. मजदूरों का कहना है कि उनके पास इतनी रकम नहीं है और इसी वजह से वे वहां फंसे हुए हैं.
श्रम विभाग ने रतलाम प्रशासन से मांगी रिपोर्ट
बिहार भवन के संयुक्त श्रम आयुक्त की ओर से रतलाम के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में मजदूरों की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा का तत्काल पता लगाने का अनुरोध किया गया है. पत्र में कहा गया है कि यदि मजदूरों की शिकायत सही पाई जाती है तो उन्हें तत्काल रेस्क्यू कर मुक्त कराया जाए और बंधुआ मजदूरी से जुड़े कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाए.
श्रम विभाग ने रेस्क्यू किए जाने वाले मजदूरों के लिए भोजन, रहने की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी बात कही है. इसके साथ ही उनके बयान दर्ज करने, बकाया मजदूरी और अन्य कानूनी देनदारी की जांच करने का अनुरोध किया गया है.
मजदूरों को मध्य प्रदेश ले जाने वाले कथित बिचौलिए और संबंधित नियोक्ता या ठेकेदार की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है. श्रम विभाग ने मामले में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का अनुरोध किया है.
बिहार भवन की ओर से रतलाम प्रशासन को मजदूरों की शिकायत, वीडियो और उपलब्ध अन्य जानकारियां भी भेजी गई हैं. प्रशासन से की गई कार्रवाई और मजदूरों की मौजूदा स्थिति की जानकारी जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि बिहार सरकार के साथ आगे की कार्रवाई और समन्वय किया जा सके.





