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बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक

Success Story: समस्तीपुर की अंजलि सिंह ने भारतीय सैन्य इतिहास में खास पहचान बनाई है। वायुसेना की विंग कमांडर अंजलि सिंह देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक के रूप में मॉस्को में भारतीय दूतावास में तैनात हुई थीं। छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक...

बिहार की बेटी अंजलि का कमाल: मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी… बनीं देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक
Ramakant kumar
3 मिनट

Success Story: समस्तीपुर के वारिसनगर स्थित मकसूदपुर गांव की बेटी विंग कमांडर अंजलि सिंह ने भारतीय वायुसेना में बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अंजलि सिंह देश की पहली महिला सैन्य राजनयिक बनी हैं. मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में अपनी जिम्मेदारी पूरी करने के बाद वह अब भारत लौट आई हैं. उनकी इस उपलब्धि से उनके गांव और पूरे बिहार में खुशी का माहौल है.


अंजलि सिंह की वर्ष 2019 में मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में तैनाती हुई थी. यहां उन्होंने सैन्य राजनयिक के तौर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. इससे पहले वह भारतीय वायुसेना में मिग-29 लड़ाकू विमान से जुड़े तकनीकी काम की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं.


बचपन से ही सेना में जाने का था सपना

अंजलि सिंह के पिता मदन प्रसाद सिंह भारतीय वायुसेना में फ्लाइट लेफ्टिनेंट रह चुके हैं. पिता की वर्दी और सेना से जुड़े माहौल ने अंजलि के मन में भी बचपन से ही सेना में जाने की इच्छा पैदा की. वह अपने पिता को अपना रोल मॉडल मानती हैं.


वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान टीवी पर भारतीय सैनिकों की खबरें देखकर उनका सेना में जाने का फैसला और मजबूत हुआ. इसके बाद उन्होंने इसी लक्ष्य के साथ अपनी पढ़ाई और करियर की तैयारी शुरू कर दी.


इंजीनियरिंग के बाद वायुसेना में हुआ चयन

अंजलि सिंह ने शुरुआती पढ़ाई जालंधर से की, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई नासिक से पूरी की. इसके बाद उन्होंने पुणे यूनिवर्सिटी से टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की.


इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के कोटद्वार में करीब दो साल तक एक निजी कंपनी में काम किया. इसके बाद वर्ष 2002 में उनका चयन भारतीय वायुसेना में हो गया. वायुसेना में शामिल होने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अपने करीब 24 साल के सैन्य करियर में लड़ाकू स्क्वाड्रन के साथ भी काम किया.


मॉस्को में संभाली बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय वायुसेना में लंबे अनुभव के बाद अंजलि सिंह को मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में सैन्य राजनयिक की जिम्मेदारी दी गई. इस पद पर रहते हुए उन्होंने भारत और रूस के बीच सैन्य संबंधों से जुड़े काम में भारत का प्रतिनिधित्व किया.


विदेश में भारतीय मिशन के तहत सैन्य राजनयिक की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनकर अंजलि ने एक नई मिसाल कायम की.