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बिहार में 67 लाख की साइबर ठगी: रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी निकला मास्टरमाइंड, 200 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन के संकेत; बेटा समेत अरेस्ट

Bihar Cyber Crime: मुजफ्फरपुर में 67 लाख की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी और उसका बेटा गिरफ्तार हुए हैं. 200 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं.

Bihar Cyber Crime
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Cyber Crime: बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर अपराध का एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी से 67 लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड बिहार सरकार का एक रिटायर्ड सांख्यिकी अधिकारी निकला, जिसे उसके बेटे के साथ गिरफ्तार किया गया है।


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रियरंजन शर्मा (60 वर्ष) और उसके पुत्र अनंत अमीष के रूप में हुई है। पुलिस ने पटना के राजीव नगर स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर दोनों को दबोचा। तलाशी के दौरान 23,900 रुपये नकद, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, 19 बैंक पासबुक और चेकबुक, चार मोहर, एक पेन ड्राइव सहित कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं।


जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाते थे। हालिया मामले में पीड़ित को 12 दिनों तक लगातार कॉल कर यह झांसा दिया गया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल पहलगाम हमले में हुआ है। कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने उससे 67 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए।


पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों के पास एफसीआरए के चार बैंक खाते थे, जिनमें विदेश से करीब 200 करोड़ रुपये तक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन के संकेत मिले हैं। गिरोह फर्जी कंपनियों और एनजीओ के नाम पर बैंक खाते खोलकर ठगी की रकम को कई लेयर में घुमाकर ट्रेसिंग से बचने की कोशिश करता था।


साइबर पुलिस के अनुसार, यह गिरोह करीब एक साल से सक्रिय था और कम समय में ही देशभर में अपना नेटवर्क फैला चुका था। आरोपियों के खिलाफ 28 राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच और पवई थाना में भी इनके खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह एक दिन में करीब 4 करोड़ रुपये तक का ट्रांजेक्शन करता था।


इस मामले में 9 अप्रैल को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम—जिसमें साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार, इंस्पेक्टर अनोज कुमार, दिवेश कुमार, अतुल कुमार, मनीषा कुमारी और संतोष कुमार शामिल थे—ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का गहन विश्लेषण कर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

मुजफ्फरपुर से मनोज कुमार की रिपोर्ट..

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता