IAS Story: 5 परसेंट कमीशन के लिए IAS अभिषेक प्रकाश ने दांव पर लगा दिया करियर, SIT की सूची में कैसे शामिल हो गया एक मेहनती अफसर?

IAS Story: उत्तर प्रदेश के IAS अभिषेक प्रकाश SIT की चार्जशीट में आरोपी बनाए गए हैं. उनके ऊपर SAEL Solar प्रोजेक्ट में रिश्वत और अवैध संपत्ति के आरोप लगे हैं. मार्च 2025 में सस्पेंड होने के बाद जनवरी 2026 में नया मोड़ आ गया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 13 Jan 2026 09:46:43 AM IST

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कमीशन कांड और भ्रष्टाचार के आरोप - फ़ोटो Google

IAS Story: उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में कुछ अधिकारी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने कम समय में ऊंचाइयां छुईं और उतनी ही तेजी से विवादों में फंस गए। 2006 बैच के आईएएस अभिषेक प्रकाश इस सूची में सबसे ऊपर हैं। बिहार के साधारण परिवार में जन्म, IIT रुड़की से बीटेक, और UPSC में 8वीं रैंक हासिल करने वाले अभिषेक प्रकाश कभी यूपी सीएम ऑफिस के भरोसेमंद अफसर माने जाते थे। लखनऊ के जिलाधिकारी जैसे रसूखदार पद पर भी लंबे समय तक तैनात रहे।


विवादों की कहानी

अभिषेक प्रकाश की कहानी केवल प्रशासनिक कार्य तक सीमित नहीं है। इसमें हाई-प्रोफाइल शादी, व्यक्तिगत विवाद और ‘कमीशन कांड’ शामिल है। मार्च 2025 में निलंबन के बाद से ही उनके खिलाफ कयास लगाए जा रहे थे। जनवरी 2026 में SIT ने उन्हें आधिकारिक तौर पर आरोपी बना दिया, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।


शिक्षा और करियर की चमक

अभिषेक प्रकाश का जन्म 21 दिसंबर 1982, सिवान, बिहार में हुआ। बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रहे। IIT रुड़की से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया। 2005 में UPSC में 8वीं रैंक हासिल की। 2006 में प्रशासनिक सेवा जॉइन की और उन्हें नागालैंड कैडर मिला। शुरुआती दौर में उन्हें ईमानदार और मेहनती अफसर माना जाता था।


शादी और विवाद

अभिषेक की मुलाकात 2009 बैच की आईएएस अदिति सिंह से हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और शादी हुई। स्पाउस ग्राउंड पर यूपी कैडर में प्रतिनियुक्ति कराई। कभी इस जोड़े को यूपी ब्यूरोक्रेसी का ‘पावर कपल’ माना जाता था। लेकिन कुछ सालों बाद व्यक्तिगत झगड़े सार्वजनिक हो गए और तलाक तक का रास्ता तय हुआ।


कमीशन कांड और भ्रष्टाचार के आरोप

अभिषेक प्रकाश के पतन का मुख्य कारण था ‘इन्वेस्ट यूपी’ में उनका कार्यकाल। आरोप है कि उन्होंने SAEL Solar कंपनी के प्रोजेक्ट को मंजूरी देने और सब्सिडी दिलवाने के बदले अपने बिचौलिए निकांत जैन के जरिए 5% कमीशन लिया। ऑडियो और सबूतों के साथ मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा। जांच में करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला। इसी भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें मार्च 2025 में सस्पेंड कर दिया गया।


जनवरी 2026 में SIT की चार्जशीट

नए साल की शुरुआत में SIT ने 1600 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की और अभिषेक प्रकाश को आरोपी बनाया। अब वे केवल सस्पेंडेड आईएएस अधिकारी नहीं, बल्कि रिश्वत केस के आरोपी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले में सक्रिय है। जांच में उनकी करोड़ों की बेनामी संपत्तियों, लखनऊ से बरेली तक फैली जमीनों और अवैध निवेशों का खुलासा हुआ। कभी टॉपर्स को लेक्चर देने वाले आईएएस अब अदालतों और वकीलों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।