Bihar News: ठंड जाने लगी, तब जागी सरकार! शीतलहर ढलान पर तो आपदा प्रबंधन विभाग ने तैयार की नई नीति, जारी किए गए कई आदेश

बिहार में ठंड का असर कम होने से पहले ही आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हुआ है। शीतलहर प्रभावित जिलों के लिए नई नीति बनाई गई है। अलाव, कंबल वितरण और राहत व्यवस्था को लेकर जिलों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Tue, 13 Jan 2026 11:08:17 AM IST

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Bihar News: बिहार में अमूमन ठंड का प्रकोप दिसंबर से 15 जनवरी तक होता है. इसके बाद पारा चढ़ने लगता है. आने वाले कुछ दिनों में सामान्य ठंडा रहने की संभावना है. जो काम आपदा प्रबंधन विभाग को पहले करना चाहिए था, वो अब कर रहा है. अब जाकर विभाग ने शीतलहर वाले जिलों में बचाव के लिए नया नीति तैय़ार किया है.

ठंड के ढलान आने पर जागा आपदा प्रबंधन विभाग 

सरकार की तरफ से दावा किया गया है कि, ठंड से बचने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिक शीतलहर वाले जिलों के बचाव के लिए एक नया नीति तैयार किया है। सोमवार को आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में  जिलों में शीतलहर का प्रकोप अधिक है, वहां विशेष इंतजाम करने के लिए विभाग के स्तर से विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद नदीमुल गफ्फार सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों को इससे संबंधित निर्देश जारी किए गए। उन्होंने विभागीय सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में अधिकारियों से कहा कि सभी अंचलाधिकारियों से संपर्क करें और बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल समेत सभी सार्वजनिक स्थलों और चौक-चौराहों पर अलाव की सुविधा लागू कराएं। इस दौरान संयुक्त सचिव ने कहा कि जिन जिलों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हो रहा है, उसे चिन्हित कर लोगों को राहत दिलाने का काम किया जाय। मुआवजे से राहत उन्हीं जिलों में दी जाएगी, जो शीतलहर की जद में हैं।

जरूरतमंदों को बांटे जायेंगे कंबल 

विभाग की बैठक में यह भी जानकारी दी गयी कि समाज कल्याण विभाग से संपर्क साधकर जरुरतमंदों में कंबल आदि की वितरण कराई जाए। इसके अलावा अत्यधिक ठंड के प्रकोप वाले जिलों के लोगों को अलग-अलग माध्यमों से जागरूक करने के लिए कहा गया। रैन बसेरों की स्थिति, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मौजूद सुविधाएं, कोर्ट केस के पुराने मामले, मानव क्षति, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (एनडीएमआईएस) की वर्तमान स्थिति, इंडिया डिजास्टर रिसोर्स नेटवर्क (आईडीआरएन) पोर्टल पर संसाधनों की स्थिति, भवन निर्माण के लिए भूमि हस्तानांतरण संबंधित जिलों को भेजे गए स्मरण पत्र, जिला आपातकालीन प्रतिक्रिया सुविधा-सह-प्रशिक्षण केंद्र के निर्मित भवनों में एसडीआरएफ टीमों का आवासन और अतिरिक्त जिलों में नए भवनों के लिए जमीन की उपलब्धता, ऑडिट आदि विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव अविनाश कुमार और विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार की मुख्य तौर पर उपस्थिति रही।