Bihar News: बिहार के इस जिले में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मिलेगी रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया हुई तेज

Bihar News: पूर्वी चंपारण में सड़क, रेल और हवाई मार्ग को सुगम बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतमाला, हाजीपुर-सुगौली रेल लाइन और पटना-बेतिया एनएच 139-डब्ल्यू सहित सभी परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 13 Jan 2026 08:24:38 AM IST

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सड़क, रेल और वायु मार्ग को और सुगम बनाने की दिशा में सरकारी प्रक्रिया तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जा रहा है, जिससे भारतमाला परियोजना, हाजीपुर–सुगौली रेल लाइन और पटना–बेतिया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139-डब्ल्यू जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति मिल रही है।


भूमि अधिग्रहण की बाधा होगी दूर

मोतिहारी में सड़क, रेल और हवाई मार्ग से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने को लेकर सरकार का तंत्र सक्रिय हो गया है। भू-अर्जन विभाग के निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां भी भूमि अधिग्रहण में अड़चन आ रही है, उसका तत्काल समाधान किया जाए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है।


भारत माला और रेल परियोजनाओं की अड़चनें दूर

भारत माला परियोजना के तहत चोरमा और बैरगिनिया के बीच लगभग 1.5 किलोमीटर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। वहीं हाजीपुर–सुगौली रेल लाइन निर्माण के दौरान पहाड़पुर के पास बीच लाइन में आई बाधा को भी समाप्त कर दिया गया है। यहां एक रैयत के घर को मुआवजा देकर हटाया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।


पटना–बेतिया एनएच 139-डब्ल्यू

पटना से बेतिया के बीच बन रहे नए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139-डब्ल्यू के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दो चरणों में चल रही है। पहले चरण में साहेबगंज से अरेराज तक करीब 34 गांव शामिल हैं, जहां रैयतों को मुआवजा दिया जा रहा है और अब तक लगभग पांच करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। दूसरे चरण में अरेराज से बेतिया के बीच के 13 गांव शामिल हैं, जहां रैयतों का अवार्ड तैयार किया जा रहा है। अवार्ड मिलने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


रक्सौल हवाई अड्डे का भूमि अधिग्रहण अंतिम चरण में

रक्सौल हवाई अड्डे के लिए पहले दो चरणों में भूमि अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। तीसरे चरण में 139 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए चयनित भूखंडों से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और अब रैयतों को भुगतान करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।


भूमि अधिग्रहण, भुगतान प्रक्रिया जारी

जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के अनुसार, रक्सौल हवाई अड्डा परियोजना के तहत भरतमही, एकडेरवा, चिकनी, सिंहपुर, चंदूली और सिसवा मौजा में भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अब रैयतों को भुगतान किया जा रहा है।


कई नई परियोजनाओं को मिलेगा बल

जिले में सड़क और रेल लाइन से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है और कुछ नई परियोजनाओं का शुभारंभ भी प्रस्तावित है। रक्सौल हवाई अड्डे के तीसरे चरण सहित सभी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विकास कुमार ने कहा कि जहां भी तकनीकी बाधाएं सामने आ रही हैं, उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।