BIHAR NEWS : 'अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो...', CM आवास के पास पहुंचे JDU कार्यकर्त्ता बोले ....कोई दो तीन लोग कैसे कुछ भी तय कर सकता है

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच पटना में सीएम आवास के बाहर जदयू कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया तो आंदोलन होगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 05, 2026, 8:55:51 AM

BIHAR NEWS : 'अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया तो...', CM आवास के पास पहुंचे JDU कार्यकर्त्ता बोले ....कोई दो तीन लोग कैसे कुछ भी तय कर सकता है

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BIHAR NEWS  : बिहार की राजनीति में संभावित बड़े बदलाव की चर्चाओं के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अंदर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है। गुरुवार सुबह कई जदयू कार्यकर्ता पटना में मुख्यमंत्री आवास के पास पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति से दूर नहीं किया जाए और वे मुख्यमंत्री के रूप में ही राज्य का नेतृत्व करते रहें।


प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान घर-घर जाकर लोगों से नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांगे थे। ऐसे में अगर वे अचानक राज्यसभा चले जाते हैं तो इससे कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। प्रदर्शन में शामिल कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस खबर के सामने आने के बाद से ही उनके पास लगातार फोन आ रहे हैं और खासकर महिलाएं काफी भावुक होकर रो रही हैं।


कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए वोट दिया था। इसलिए अगर उनके भविष्य को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जाता है तो उसमें जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की राय भी ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “जब हम लोग गांव-गांव जाकर नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांग रहे थे, तब लोगों से वादा किया गया था कि वे ही बिहार का नेतृत्व करेंगे। ऐसे में बिना कार्यकर्ताओं और जनता से पूछे कोई भी फैसला कैसे लिया जा सकता है।”


प्रदर्शन कर रहे एक कार्यकर्ता ने कहा कि पार्टी के लिए काम करते हुए उन्होंने कई बार विरोधियों की नाराजगी झेली है। कई बार मारपीट और लाठीचार्ज तक का सामना करना पड़ा और कई कार्यकर्ताओं पर एफआईआर भी दर्ज हुई। ऐसे में अगर अब नीतीश कुमार बिहार की राजनीति से दूर हो जाते हैं तो कार्यकर्ताओं के सामने बड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि “अगर नीतीश कुमार ही बिहार में नहीं रहेंगे तो हम लोग क्या करेंगे? हम लोगों ने तो उनकी छवि और उनके काम के आधार पर ही जनता से समर्थन मांगा था।”


कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने का फैसला लिया जाता है तो पहले जनता से राय लेनी चाहिए। उनका कहना है कि जनता के बीच जाकर पूछा जाए कि क्या वे चाहते हैं कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाएं या फिर बिहार में ही रहकर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभाएं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कुछ लोग अपने स्तर पर फैसला लेने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि इतने बड़े फैसले में पूरे संगठन और जनता की भागीदारी जरूरी है।


पटना में प्रदर्शन कर रहे एक जदयू कार्यकर्ता ने कहा कि उन्हें यह सुनकर गहरी चिंता हो रही है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर पूरे बिहार की राजनीति पर पड़ेगा। उनका कहना था कि “अगर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाया गया तो हम लोग आंदोलन करेंगे। इससे बिहार में बड़ा राजनीतिक संकट पैदा हो सकता है और कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है।”


हालांकि अभी तक मुख्यमंत्री या जदयू नेतृत्व की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं ने पार्टी के भीतर हलचल जरूर बढ़ा दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में जदयू और बिहार की राजनीति में क्या फैसला होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।