1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 13 Jan 2026 10:13:47 AM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Traffic Challan: बिहार के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ और जाम वाले 225 चौराहों और प्रमुख कॉरिडोरों पर अब हाईटेक कैमरों से निगरानी की जाएगी। परिवहन विभाग ने तय किया है कि मार्च 2026 से पहले इन सभी इलाकों में कैमरा लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। 15 जनवरी के बाद जिलों में इस योजना पर तेजी से काम शुरू होगा। इसका उद्देश्य सिर्फ जाम से मुक्ति नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्मार्ट और अनुशासित ट्रैफिक सिस्टम बनाना है।
परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पटना शहर के अलावा दानापुर, फुलवारी, गोला रोड, पटना सिटी, कंकड़बाग और फतुहा सहित हाजीपुर, भोजपुर, अरवल, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, कटिहार, फारबिसगंज, गया, बाढ़, बेगूसराय, जमुई, औरंगाबाद और सीवान के प्रमुख चौराहों को भी इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। जहां-जहां सड़कें आपस में जुड़कर जाम की बड़ी वजह बनती हैं, उन सभी कॉरिडोर को भी योजना में शामिल किया गया है।
परिवहन विभाग का कहना है कि कैमरा निगरानी से ट्रैफिक कंट्रोल आसान होगा। ट्रैफिक पुलिस और जिला परिवहन अधिकारी संयुक्त रूप से इन इलाकों में नियमों का सख्ती से पालन कराएंगे। इससे वाहन संचालन सुचारू होगा और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकेगी।
इस पूरी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर के कंट्रोल रूम को हाईटेक किया जाएगा, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग होगा। कैमरे न सिर्फ ट्रैफिक की लाइव मॉनिटरिंग करेंगे, बल्कि नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान कर स्वचालित अलर्ट भी जारी करेंगे। इससे चालान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
इन कैमरों के जरिए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों को सीधे चालान किया जाएगा। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी और असामाजिक गतिविधियों पर निगरानी में भी मदद मिलेगी। चोरी, छिनतई और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। पहले भी कई जिला मुख्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, अब इस दायरे को पूरे राज्य में बढ़ाकर समान और मजबूत ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
225 चौराहों और कॉरिडोर पर हाईटेक कैमरा लगाने के बाद बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था एक नए युग में प्रवेश करेगी। जाम, अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी की जगह अनुशासन, तकनीक और त्वरित कार्रवाई लेगी। यह पहल न सिर्फ आम लोगों की परेशानी कम करेगी, बल्कि बिहार को स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट के क्षेत्र में भी अग्रणी बनाएगी।