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Pilot Course: पायलट बनने के लिए 12वीं के बाद करें यह काम, नौकरी लगते ही लाखों में सैलरी

Pilot Course: 12वीं (PCM) के बाद पायलट बनने के लिए CPL कोर्स करें, खर्च 40-60 लाख। मेडिकल फिटनेस और DGCA लाइसेंस जरूरी। शुरुआती सैलरी 1.5-3 लाख/माह..

Pilot Course
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Pilot Course: पायलट बनना कई युवाओं का सपना होता है लेकिन यह रास्ता मेहनत, धैर्य और निवेश मांगता है। 12वीं के बाद सीधे पायलट बनने का मुख्य मार्ग कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करना है। इसके लिए सबसे पहले फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ 12वीं पास करनी जरूरी है, जिसमें कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। कुछ फ्लाइंग स्कूलों में इंग्लिश में भी अच्छे मार्क्स मांगे जाते हैं। आयु कम से कम 17 साल होनी चाहिए और DGCA क्लास 1 मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है।


ट्रेनिंग का पहला स्टेप ग्राउंड थ्योरी क्लासेस होती हैं, जहां एविएशन के बेसिक सब्जेक्ट्स जैसे नेविगेशन, मेट्रोलॉजी, एयर रेगुलेशन और टेक्निकल जनरल सिखाए जाते हैं। यह कोर्स 6-12 महीने का होता है। उसके बाद प्रैक्टिकल फ्लाइट ट्रेनिंग शुरू होती है, जिसमें कम से कम 200 घंटे उड़ान भरनी पड़ती है। पहले स्टूडेंट पायलट लाइसेंस, फिर प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अंत में CPL लिया जाता है। पूरी ट्रेनिंग DGCA अप्रूव्ड फ्लाइंग स्कूल से करनी होती है, जैसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, राजीव गांधी एकेडमी या अन्य प्राइवेट स्कूल्स।


खर्च की बात करें तो ग्राउंड क्लासेस पर 2-5 लाख, फ्लाइट ट्रेनिंग पर 35-50 लाख और अन्य खर्च मिलाकर कुल 40-60 लाख रुपये लग सकते हैं। अच्छे स्कूल चुनें तो खर्च थोड़ा ज्यादा, लेकिन जॉब मिलने की गारंटी बेहतर रहेगी। मेडिकल टेस्ट, लाइसेंस फीस और रहने-खाने का अलग खर्च जोड़ लें। कुछ बैंक एजुकेशन लोन देते हैं, जिसे जॉब लगने के बाद चुकाया जा सकता है। पूरी ट्रेनिंग 18-24 महीने में पूरी हो जाती है।


ट्रेनिंग पूरी करने के बाद CPL के साथ टाइप रेटिंग (विशिष्ट एयरक्राफ्ट उड़ाने का कोर्स) करें, जो 20-30 लाख का अतिरिक्त खर्च है। फिर एयरलाइंस में जॉब के लिए अप्लाई करें। शुरुआत में जूनियर फर्स्ट ऑफिसर या को-पायलट के रूप में 1.5 से 3 लाख रुपये मासिक सैलरी मिलती है। इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट जैसी कंपनियों में अनुभव बढ़ने पर 5-8 लाख और कैप्टन बनने पर वेतन 10-15 लाख तक पहुंच जाती है। जबकि इंटरनेशनल रूट्स पर उड़ान भरने वाले पायलटों की सैलरी 20 लाख तक भी हो सकती है।