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PhonePe: क्यों RBI ने PhonePe पर लगाया लाखों का जुर्माना? जानें... पूरी डिटेल

PhonePe: भारतीय रिजर्व बैंक ने देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी PhonePe पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) से जुड़े नियामकीय दिशानिर्देशों का सही ढंग से पालन न करने के चलते की गई है।

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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

PhonePe: भारतीय रिजर्व बैंक ने देश की प्रमुख फिनटेक कंपनी PhonePe पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी द्वारा प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) से जुड़े नियामकीय दिशानिर्देशों का सही ढंग से पालन न करने के चलते की गई है। केंद्रीय बैंक ने यह जुर्माना अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2024 के बीच फोन पे के संचालन की वैधानिक समीक्षा के आधार पर लगाया है।


आरबीआई द्वारा की गई समीक्षा में यह पाया गया कि PhonePe के एस्क्रो खाते में कई बार बैलेंस, जारी किए गए प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स और व्यापारियों को देय रकम से कम था। नियमानुसार, किसी भी नॉन-बैंक पीपीआई जारीकर्ता को सुनिश्चित करना होता है कि दिन के अंत तक एस्क्रो खाते में शेष राशि, उपभोक्ताओं के बकाया PPI बैलेंस और व्यापारियों को देय भुगतानों से कम न हो। इतना ही नहीं, अगर किसी कारण से एस्क्रो बैलेंस कम होता है तो इसकी सूचना तत्काल RBI के डिपार्टमेंट ऑफ पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स को देनी होती है, जो कि फोन पे ने नहीं किया।


निरीक्षण के बाद फोन पे को एक नोटिस जारी कर कारण बताने को कहा गया था। कंपनी ने अपने पक्ष में जवाब और अतिरिक्त प्रस्तुतीकरण पेश किया, लेकिन आरबीआई ने उसे संतोषजनक नहीं माना और गाइडलाइंस के उल्लंघन की पुष्टि के बाद जुर्माना लगाया। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह जुर्माना केवल नियामकीय अनुपालन की खामियों पर आधारित है और इसका कंपनी के ग्राहकों से लेनदेन या उनके साथ हुए समझौतों की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।


यह पहली बार नहीं है जब PhonePe पर आरबीआई ने जुर्माना लगाया है। 2019 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक से संबंधित नियमों के उल्लंघन पर कंपनी पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद 2020 में नियामक गाइडलाइंस के उल्लंघन के चलते ₹1.39 करोड़ का दंड PhonePe को चुकाना पड़ा था। इस तरह अब तक कंपनी पर कुल मिलाकर 3.6 करोड़ से अधिक के जुर्माने लग चुके हैं।


PhonePe एक बेंगलुरु आधारित डिजिटल पेमेंट कंपनी है जो भारत में सबसे बड़े UPI प्लेटफॉर्म्स में से एक मानी जाती है। यह रिचार्ज, बिल पेमेंट, मनी ट्रांसफर, इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड, गोल्ड इन्वेस्टमेंट और हाल ही में लांच किए गए ओन-लाइन स्टोर "Pincode" जैसी कई सेवाएं देती है। कंपनी के करोड़ों यूजर्स और लाखों मर्चेंट पार्टनर हैं, जिससे यह भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम का एक मजबूत हिस्सा बन चुकी है।


RBI द्वारा लगाया गया यह ताजा जुर्माना इस बात की ओर इशारा करता है कि डिजिटल भुगतान कंपनियों को सिर्फ तकनीक पर नहीं, बल्कि नियामकीय पारदर्शिता और अनुपालन पर भी बराबर ध्यान देना होगा। फिनटेक क्षेत्र में भरोसे और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए Compliance अब एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।